जहां जलभराव के डर से नहीं आती थी बारात, वहां 18 लेखपालों के साथ डंडा लेकर पहुंचे तहसीलदार; 10 साल पुराना विवाद मिनटों में खत्म,अब नहीं सताएगा एक दशक पुराना दर्द और बारात न आने का डर
दस साल पुराना विवाद हुआ खत्म
बारात आने में होती थी दिक्कत
तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने संभाला मोर्चा
अठारह लेखपालों की टीम रही मौजूद
पांच सौ मीटर लंबी नाली बनी
चंदौली जिले के शहाबगंज विकास क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरिपुर गांव में एक ऐसी समस्या का अंत हुआ है, जिससे ग्रामीण पिछले 10 वर्षों से जूझ रहे थे। गांव में जलनिकासी और रास्ते का एक बड़ा विवाद सालों से लटका हुआ था। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण लंबे समय से तहसील से लेकर तमाम प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन कोई पक्का रास्ता नहीं निकल पा रहा था।
बरसात के दिनों में गांव की सड़कें और गलियां पूरी तरह पानी में डूब जाती थीं। पानी का जमाव इस कदर बढ़ जाता था कि रास्ते तालाब का रूप ले लेते थे। इस बदहाली के कारण गांव में आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता था। नौबत यहां तक आ चुकी थी कि कई लोग इस गांव में अपनी बेटियों की शादी करने से डरने लगे थे। जलभराव और कीचड़ के कारण गांव में बारात लेकर आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
SDM का निर्देश और तहसीलदार का मोर्चा
जब मामला बेहद गंभीर हो गया, तो उपजिलाधिकारी (SDM) चकिया पवन कुमार यादव ने इसका कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तहसीलदार देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग, लेखपालों और पुलिस बल की एक संयुक्त टीम का गठन किया। इसके बाद तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने खुद डंडा हाथ में लेकर मोर्चा संभाला और पूरी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
मौसम का मिजाज खराब होने और बारिश की फुहारों के बीच भी प्रशासनिक टीम पीछे नहीं हटी। तहसीलदार देवेंद्र कुमार की सीधी देखरेख में टीम ने विवादित जमीन पर काम शुरू कराया। विरोध की हर संभावना को दरकिनार करते हुए प्रशासन ने सूझबूझ से काम लिया और मौके पर ही लगभग 500 मीटर लंबी नाली का निर्माण करा दिया। नाली बनते ही गांव में सालों से जमा पानी बाहर निकल गया।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने निभाई भूमिका
इस बड़े अभियान को सफल बनाने में शहाबगंज के थाना प्रभारी निरीक्षक के.पी. सिंह, राजस्व निरीक्षक जितेंद्र सिंह के साथ क्षेत्र के 18 लेखपालों और भारी पुलिस बल ने बेहद सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर मुस्तैद रहने वाले लेखपालों में दीपक, प्रदीप, बजरंगबली, अश्विनी, अखिल, मनीष और सुनील समेत पूरी राजस्व टीम शामिल रही। अधिकारियों की सूझबूझ और सख्त रवैये के कारण यह सालों पुराना विवाद बिना किसी हंगामे के बेहद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ गया।
गांव में लोग जता रहे हैं प्रशासन का आभार
सालों पुराने इस विवाद के खत्म होने और नाली का निर्माण होने के बाद हरिपुर गांव के लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और तहसील टीम के इस साहसिक प्रयास की जमकर तारीफ की है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें जलभराव के नरक से मुक्ति मिलेगी और रास्ते साफ रहेंगे।
ग्रामीणों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि जिस गांव में कभी पानी के जमाव और आपसी विवाद की वजह से लोग बारात लाने से कतराते थे, अब वहां खुशियों का रास्ता साफ हो गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे गांव में राहत और विकास की एक नई उम्मीद जागी है।