बाबा कीनाराम चंदौली मेडिकल कॉलेज में जबड़े का सफल ऑपरेशन, दंत रोग विभाग ने हासिल की पहली बड़ी उपलब्धि
मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई दंत रोग सर्जरी की सुविधा
जबड़े के सफल ऑपरेशन से मरीज को मिली राहत
लंबे समय से उपचार के लिए भटक रहा था मरीज
प्राचार्य और उप प्राचार्य ने दी बधाई
चंदौली जिले के चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार को दंत रोग विभाग द्वारा जबड़े का पहला सफल ऑपरेशन किया गया। इस सर्जरी के साथ ही जिले में गंभीर दंत रोग से जूझ रहे मरीजों को राहत की नई उम्मीद मिली है।
आपको बता दें कि महाविद्यालय प्रशासन के अथक प्रयासों के बाद हाल ही में नाक, कान, गला और दंत रोग विभाग के लिए संयुक्त ऑपरेशन थिएटर (ओटी) क्रियाशील किया गया था। उप प्राचार्य डॉ. नैंसी पारुल ने बताया कि फिलहाल विभागों की ओटी संयुक्त रूप से संचालित हो रही है, लेकिन भविष्य में इनके लिए अलग-अलग ओटी स्थापित की जाएंगी।
बताते चलें कि नगर निवासी 35 वर्षीय सुरेश यादव लंबे समय से दांत और जबड़े की समस्या से परेशान थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने कई सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज कराया, मगर कोई ठोस समाधान नहीं मिला। अंततः वे चंदौली मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग पहुंचे, जहां विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष शिवहरे ने गहन जांच और एक्सरे रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
निर्धारित तिथि पर विभाग की टीम ने सफल सर्जरी की। टूटे हुए निचले जबड़े को प्लेटिंग विधि और तार से जोड़कर स्थिर किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य और स्थिर बताई जा रही है।
इस उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ. अमित सिंह और उप प्राचार्य डॉ. नैंसी पारुल ने पूरी टीम को बधाई दी। टीम में डॉ. पीयूष शिवहरे के साथ डॉ. नीतेश मिश्र, डॉ. एकता और रंजना साहनी शामिल थीं।
स्थानीय लोगों ने इस उपलब्धि को मेडिकल कॉलेज और जिले के लिए बड़ी सौगात बताया। उनका कहना है कि अब मरीजों को जटिल दंत रोगों के उपचार के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।