गर्लफ्रेंड की अनोखी शर्त: प्यार साबित करने चंदौली से 600 किमी दूर दतिया पहुंचा प्रेमी, कलेक्टर से मिलकर बोला- अब नहीं होगा ब्रेकअप!
मध्य प्रदेश के दतिया में प्यार का एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यूपी के चंदौली का एक युवक अपनी गर्लफ्रेंड की शर्त पूरी करने के लिए 600 किलोमीटर दूर दतिया कलेक्टर से मिलने पहुंच गया। पूरी रोमांचक खबर पढ़ें।
गर्लफ्रेंड की शर्त पर तय किया सफर
यूपी के चंदौली से दतिया पहुंचा युवक
कलेक्ट्रेट परिसर में बेहोश हुआ प्रेमी
जिला अस्पताल पहुंचकर खुद मिले कलेक्टर
कलेक्टर से मिलकर टला ब्रेकअप का खतरा
मध्य प्रदेश के दतिया जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय में सोमवार को एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर किसी को हैरत में डाल दिया। उत्तर प्रदेश से एक युवक केवल अपनी प्रेमिका (गर्लफ्रेंड) की एक अजीब शर्त को पूरा करने के लिए करीब 600 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर दतिया पहुंच गया। युवक की जिद थी कि वह दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े से मिलकर ही वापस लौटेगा। हालांकि, इस कठिन सफर के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह कलेक्ट्रेट परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़ा। प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते उसका तुरंत इलाज कराया गया और बाद में खुद कलेक्टर ने अस्पताल जाकर उससे मुलाकात की।
फेसबुक और सोशल मीडिया से शुरू हुई कलेक्टर से मिलने की जिद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का रहने वाला 26 वर्षीय राजकुमार गुप्ता पेशे से एक टैक्सी ड्राइवर है। राजकुमार सोशल मीडिया पर दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के काम करने की शैली और उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व से काफी प्रेरित था। इसी दौरान उसकी गर्लफ्रेंड ने उसके सामने एक शर्त रख दी। उसने कहा कि अगर राजकुमार उससे सच्चा प्यार करता है, तो वह मध्य प्रदेश के दतिया जाकर वहां के कलेक्टर से मिलकर दिखाए और उनके साथ सेल्फी लेकर आए। अपनी मोहब्बत की इस परीक्षा को पास करने के लिए राजकुमार बिना सोचे-समझे घर से निकल पड़ा।
शर्त पूरी करने के चक्कर में बिगड़ी तबीयत, कलेक्ट्रेट में गिरा
अपनी प्रेमिका की शर्त को पूरा करने की धुन में राजकुमार बीते शुक्रवार को ट्रेन पकड़कर झांसी पहुंचा और फिर वहां से बस के जरिए दतिया आया। दतिया पहुंचकर वह एक स्थानीय होटल में रुका। शनिवार को वह अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट दफ्तर पहुंचा, लेकिन सरकारी अवकाश होने के कारण उसकी कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद रविवार को भी उसे पूरे दिन इंतजार करना पड़ा। सोमवार को जब वह दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचा, तब तक भीषण गर्मी, लगातार सफर की थकान और मानसिक तनाव के कारण उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। पानी पीते समय युवक चक्कर खाकर जमीन पर गिर गया।
कलेक्टर ने दिखाई मानवीय संवेदना, खुद पहुंचे अस्पताल
युवक को बेहोश होते देख मौके पर मौजूद कलेक्ट्रेट कर्मचारियों ने तत्परता दिखाई। मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के निर्देश पर युवक को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के इलाज के बाद जब युवक को होश आया, तो स्वयं कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े उसका हालचाल जानने जिला अस्पताल पहुंच गए। कलेक्टर से मिलते ही युवक के चेहरे पर मुस्कान आ गई और उसने सहमते हुए कहा कि अब उसका ब्रेकअप नहीं होगा। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने इस पूरे दिलचस्प और भावुक वाकये की पुष्टि की है। इस घटना की चर्चा अब पूरे जिले में जोरों पर है।