डॉग लवर्स के लिए खास रहा रविवार: चंदौली में विदेशी नस्लों के साथ 'देसी डॉग्स' ने बिखेरा जलवा, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर मिले शानदार इनाम

चंदौली के चहनियां स्थित मां खंडवारी देवी प्ले ग्राउंड में रविवार को जिले का पहला 'ऑल ब्रीड डॉग शो 2026' और निःशुल्क रैबीज टीकाकरण शिविर आयोजित हुआ। AUC फाउंडेशन और UKC के इस संयुक्त आयोजन में भारतीय स्वदेशी नस्लों को विशेष बढ़ावा दिया गया।
 
  • चंदौली जिले में पहली बार ऑल ब्रीड डॉग शो

  • मां खंडवारी देवी प्ले ग्राउंड चहनियां में आयोजन

  • स्वदेशी (देसी) डॉग्स की एंट्री रही पूरी तरह निःशुल्क

  • पशु चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क रैबीज टीकाकरण शिविर

  • AUC फाउंडेशन और UKC वाराणसी/चंदौली की संयुक्त पहल

चंदौली में रविवार का दिन पशु प्रेमियों और डॉग ओनर्स के लिए बेहद खास रहा। जिले के चहनियां स्थित मां खंडवारी देवी प्ले ग्राउंड में पहली बार 'ऑल ब्रीड चैम्पियनशिप डॉग शो 2026' का अत्यंत भव्य और सफल आयोजन किया गया। यह अनूठा कार्यक्रम Alliance for Universal Care Foundation (AUCF) तथा UKC वाराणसी एवं चंदौली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें जिले और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में डॉग लवर्स ने अपने पालतू श्वानों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।

निःशुल्क रैबीज टीकाकरण और स्वदेशी नस्लों को विशेष सम्मान
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में जानवरों के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम स्थल पर विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में एक निःशुल्क रैबीज टीकाकरण शिविर भी लगाया गया, जहां कई श्वानों को रैबीज से बचाव का टीका लगाया गया।


शो की सबसे खास बात यह रही कि इसमें विदेशी नस्लों के साथ-साथ भारतीय स्वदेशी (देसी) नस्लों को मंच प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया। देसी डॉग्स को प्रोत्साहित करने के लिए उनकी एंट्री पूरी तरह से निःशुल्क रखी गई थी, जिसके परिणामस्वरूप भारी संख्या में स्वदेशी श्वानों ने इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

अनुशासन, ट्रेनिंग और मालिक के साथ बॉन्डिंग की हुई परख
प्रतियोगिता के दौरान श्वान के सौंदर्य, उनकी ट्रेनिंग, अनुशासन और अपने मालिक के साथ उनके तालमेल (बॉन्डिंग) का बारीकी से आकलन किया गया। इसके लिए विशेष चैलेंज एक्टिविटी भी आयोजित की गई। कार्यक्रम के निर्णायक (All Breed Judges) श्री पार्था चक्रवर्ती और श्री अफज़ल हैदर ने सभी डॉग्स का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डॉग्स को प्रमाण पत्र और आकर्षक पुरस्कार दिए गए। स्वदेशी नस्लों को प्रोत्साहित करने हेतु दो विशेष पुरस्कार—'सर्वश्रेष्ठ भारतीय नस्ल (सौंदर्य श्रेणी)' और 'सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षित भारतीय नस्ल' भी प्रदान किए गए।


आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता नहीं: राहुल रत्न मौर्य
AUC Foundation के फाउंडर एवं सीईओ राहुल रत्न मौर्य ने इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि चंदौली जिले में पहली बार ऐसा कार्यक्रम करना संस्था के लिए एक अहम कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल एक प्रतियोगिता कराना नहीं था, बल्कि समाज में बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता और स्वदेशी नस्लों को बढ़ावा देना संस्था की मुख्य प्राथमिकता है। इस सफल अवसर पर संस्था के सीसीपीओ राहुल सिंह, सीओओ गोपाल यादव और ऋतिक रोशन मौर्य सहित पूरी आयोजन टीम उपस्थित रही।