मुगलसराय की तनुप्रिया ने किया कमाल: बिहार राज्य विश्वविद्यालय आयोग में बन गयीं असिस्टेंट प्रोफेसर
बिहार विश्वविद्यालय आयोग में मिली सफलता
चन्दौली की बेटी ने बढ़ाया मान
इतिहास विषय में बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
बीएचयू से हुई उच्च शिक्षा पूरी
चंदौली जिले के लिए एक गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। जनपद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) की रहने वाली तनुप्रिया दुबे का चयन बिहार राज्य विश्वविद्यालय आयोग द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। इस खबर के बाद से ही उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
इतिहास विषय में मिली बड़ी कामयाबी
तनुप्रिया का चयन इतिहास विषय के लिए हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता का यह सफर काफी मेहनत भरा रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गाजीपुर जिले के करंडा स्थित एक सरकारी विद्यालय से प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) का रुख किया, जहाँ से उन्होंने स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
लगातार कड़ी मेहनत का नतीजा
तनुप्रिया की शैक्षणिक योग्यता काफी प्रभावशाली है। उन्होंने इतिहास में यूजीसी-नेट (UGC-NET) जैसी कठिन परीक्षा भी पास की है। वर्तमान में वह कुमाऊं यूनिवर्सिटी से इतिहास विषय में पीएचडी कर रही हैं, जहाँ डॉ. रश्मि पंत उनका मार्गदर्शन कर रही हैं। उनकी सफलता के पीछे निरंतर मेहनत और अनुशासन का बड़ा हाथ रहा है।
साक्षात्कार से सफलता तक का सफर
तनुप्रिया ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस पद के लिए उनका साक्षात्कार 24 जुलाई को हुआ था। इसके बाद 1 अगस्त को जब परिणाम घोषित हुआ, तो उसमें उनका चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में हो गया। उन्होंने अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों, माता-पिता और परिवार के अटूट सहयोग को दिया है।
परिवार में शिक्षा का माहौल
तनुप्रिया एक ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ शिक्षा को सर्वोपरि माना जाता है। उनके पिता शिवानंद दुबे एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और माता कनकलता दुबे एक कुशल गृहिणी हैं। उनकी बड़ी बहन अनुप्रिया दुबे भी उत्तराखंड की मदरहुड यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। वहीं उनके भाई गौरव दुबे भी शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शुभचिंतकों ने दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
तनुप्रिया की इस उपलब्धि पर उनके परिजनों, दोस्तों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दी हैं। सभी का मानना है कि उनकी यह सफलता चन्दौली की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। तनुप्रिया का मानना है कि अगर सही मार्गदर्शन और मेहनत का मेल हो, तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।