चंदौली जिले में दुर्गोत्सव की धूम : कहीं व्हाइट हाउस तो ऑपरेशन सिंदूर थीम पर बन रहे पंडाल, आप भी देखिए अनूठी झलक

नगर के इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलोनी में इस बार का पंडाल मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। यहां व्हाइट हाउस की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है।
 

व्हाइट हाउस की तर्ज पर इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलनी का भव्य पंडाल

काशी विश्वनाथ मंदिर के द्वार की झलक पड़ाव में

सूजाबाद में ऑपरेशन सिंदूर की अनूठी झांकी

जिले में 272 स्थानों पर दुर्गा पूजा की तैयारियां

चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर/पड़ाव में इस बार दुर्गोत्सव पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। जिले भर में पूजा समितियों ने आकर्षक और अनोखे पंडाल तैयार करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार की खासियत यह है कि हर क्षेत्र की पूजा समिति ने पंडालों को अलग-अलग थीम पर तैयार किया है। कहीं विदेशी स्थापत्य का आभास मिलेगा तो कहीं पौराणिक कथाओं और धार्मिक स्थलों की झलक दिखेगी।

व्हाइट हाउस की तर्ज पर पंडाल

नगर के इंडियन इंस्टीट्यूट कॉलोनी में इस बार का पंडाल मुख्य आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। यहां व्हाइट हाउस की तर्ज पर भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है। समिति अध्यक्ष मनोज सिंह पट्टू और सचिव राजेश कुमार राय ने बताया कि यहां 1952 से बंगाली परंपरा के अनुसार दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है। यह इलाका सबसे बड़े मेले के आयोजन के लिए भी जाना जाता है।

श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला

लाठ नंबर एक में इस बार भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला को पंडाल में जीवंत रूप दिया जा रहा है। समिति की ओर से पंडाल का निर्माण अंतिम चरण में है।

काशी विश्वनाथ मंदिर के द्वार की झलक

पड़ाव ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ओर से इस बार काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार की तर्ज पर भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। इस पंडाल का बैकग्राउंड शीशे की आधुनिक कलाकृतियों से सजाया जाएगा, जिसके लिए विशेष रूप से कोलकाता से कारीगर बुलाए गए हैं।

तमिलनाडु के मंदिर जैसी छटा

चकिया के वार्ड नंबर छह में इस बार का पंडाल तमिलनाडु के प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी मंदिर जैसा बनाया जा रहा है। वहीं शमशेर नगर में भी भव्य पंडाल तैयार हो रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर की झांकी

सबसे अनोखी थीम इस बार सूजाबाद क्षेत्र में देखने को मिलेगी। यहां सागर स्पोर्टिंग क्लब की ओर से 22 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी। इस प्रतिमा में मां दुर्गा "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तानी रूपी असुर का संहार करती नजर आएंगी। क्लब के संस्थापक सागर साहनी ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से प्रतिमा का निर्माण स्वयं करते हैं। इस बार की थीम पूरी तरह से देशभक्ति को समर्पित है।

चलायमान दुर्गा प्रतिमा

पड़ाव क्षेत्र के माढ़िया गांव स्थित द्वारका वाटिका में पहली बार चलायमान दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यहां पंडाल केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि मूर्ति को इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से चलायमान रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु अनोखा अनुभव करेंगे।

जिले में 272 पूजा पंडाल

जिले में कुल 272 स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है। अधिकांश स्थानों पर पंडालों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। कई जगहों पर प्रतिमाएं स्थापित हो चुकी हैं, जबकि अधिकतर पंडालों में 28 सितंबर की रात प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।

3 अक्तूबर को होगा विसर्जन

पूजा समितियों ने बताया कि दुर्गा पूजा का समापन पारंपरिक ढंग से 3 अक्तूबर को विसर्जन के साथ होगा। विसर्जन यात्रा को लेकर प्रशासन और समितियों ने सुरक्षा व व्यवस्था की तैयारी भी शुरू कर दी है।

उत्साह चरम पर

दुर्गा पूजा पंडालों में बच्चों और युवाओं का उत्साह चरम पर है। लोग अलग-अलग थीम वाले पंडाल देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं कारीगर भी अंतिम समय में सजावट को पूरा करने में जुटे हैं।

परंपरा और आधुनिकता का संगम

इस बार के दुर्गोत्सव में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। बंगाली रीति-रिवाजों से लेकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक तक, हर पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास अनुभव लेकर तैयार हो रहा है।