बाजार के बढ़ते शेयरों से कमाएं मुनाफा: NJ Momentum Fund का NFO खुला, जानें निवेश की पूरी एबीसीडी
शेयर बाजार की तेजी का फायदा उठाने के लिए एनजे म्यूचुअल फंड (NJ Mutual Fund) नया मोमेंटम फंड लेकर आया है। 24 जुलाई 2026 तक खुले इस एनएफओ (NFO) में निवेशक नियम-आधारित और क्वालिटी शेयरों में निवेश कर सकते हैं।
एनजे मोमेंटम फंड एनएफओ खुला
24 जुलाई तक निवेश का मौका
क्वालिटी के साथ मोमेंटम पर फोकस
नियम-आधारित निवेश से घटेगा जोखिम
बाजार के बदलते ट्रेंड्स से मुनाफा
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों काफी हलचल है और निवेशक लगातार निवेश के नए व स्मार्ट तरीके तलाश रहे हैं। इसी कड़ी में एनजे म्यूचुअल फंड (NJ Mutual Fund) ने अपना नया फंड 'NJ Momentum Fund' पेश किया है। इस नए फंड ऑफर (NFO) में निवेश करने की शुरुआत 10 जुलाई 2026 से हो चुकी है और निवेशक इसमें आगामी 24 जुलाई 2026 तक पैसा लगा सकते हैं। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है जो बाजार के तेजी वाले शेयरों पर दांव लगाएगी।
आसान शब्दों में समझें— क्या होता है मोमेंटम फंड?
शेयर बाजार के दिग्गजों का मानना है कि जो शेयर पहले से मजबूती दिखा रहे हैं और जिनका ट्रेंड ऊपर की तरफ है, उनके आगे भी बढ़ने की संभावना अधिक होती है। इसी सिद्धांत को व्यवस्थित और नियम-आधारित तरीके से लागू करना 'मोमेंटम इन्वेस्टमेंट' कहलाता है। सीधे शब्दों में कहें, तो यह फंड बाजार के उन चुनिंदा शेयरों को खरीदेगा जो अपने सेक्टर और पूरे बाजार की तुलना में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
क्वालिटी और मोमेंटम का अनोखा मेल
इस स्कीम की सबसे खास बात यह है कि यह अंधाधुंध तरीके से केवल तेजी वाले शेयरों को नहीं चुनेगी। इसमें सबसे पहले बड़ी संख्या में लिस्टेड कंपनियों की वित्तीय सेहत यानी उनकी 'क्वालिटी' को जांचा जाएगा। क्वालिटी फिल्टर से पास होने के बाद ही केवल मजबूत मोमेंटम वाले शेयरों को पोर्टफोलियो में जगह मिलेगी। इसका मुख्य नियम है कि क्वालिटी से मानक तय होंगे और मोमेंटम से निवेश के सही मौके की पहचान की जाएगी।
भावनाओं की जगह डेटा पर आधारित फैसले
आम निवेशक अक्सर डर, लालच या बाजार की अफवाहों में आकर गलत समय पर शेयर खरीद या बेच देते हैं। लेकिन इस मोमेंटम फंड में मानवीय भावनाओं की जगह पूरी तरह से डेटा, गणितीय मॉडल और सख्त नियमों के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं। अगर किसी शेयर की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो सिस्टम खुद-ब-खुद उसे बाहर कर उसकी जगह बेहतर शेयर को शामिल कर लेता है।
फायदे के साथ जुड़े जोखिम को भी जानें
तेजी के बाजार में यह रणनीति बेहतरीन रिटर्न दे सकती है, क्योंकि यह बढ़ते ट्रेंड का पूरा फायदा उठाती है। हालांकि, इसमें जोखिम भी कम नहीं है। यदि बाजार का रुख अचानक बदल जाता है या मंदी आती है, तो बहुत तेजी से बढ़ने वाले शेयर उतनी ही तेजी से नीचे भी आ सकते हैं। बार-बार पोर्टफोलियो में बदलाव होने से ट्रांजैक्शन चार्ज (लेन-देन का खर्च) बढ़ने की संभावना भी रहती है।
₹10 की यूनिट का भ्रम और विशेषज्ञों की राय
शेयर बाजार विशेषज्ञ डॉ. विनय प्रकाश तिवारी का कहना है कि निवेशकों को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि एनएफओ की यूनिट ₹10 की है तो यह सस्ता निवेश है। निवेश का रिटर्न हमेशा पोर्टफोलियो के शेयरों के प्रदर्शन पर तय होता है, शुरुआती एनएवी (NAV) पर नहीं। यह फंड उन निवेशकों के लिए बेहतरीन है जो लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव को झेलने की क्षमता रखते हैं। निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता और स्कीम से जुड़े दस्तावेजों को ध्यान से जरूर पढ़ लें।