UP Board Practical Exam 2026: चंदौली में 2 फरवरी से शुरू होंगी  परीक्षाएं, प्रैक्टिकल की उलझनें दूर करेगी हेल्पलाइन

 

चंदौली जिले में यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 2 से 9 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए जेडी कार्यालय पर विशेष हेल्पलाइन शुरू हो रही है। 142 केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में परीक्षाएं संपन्न होंगी।

 
 

2 फरवरी से 9 फरवरी तक चलेंगी प्रयोगात्मक परीक्षाएं

चंदौली के 142 केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात

परीक्षार्थियों के लिए परामर्श हेल्पलाइन सेवा शुरू

30 अंकों के प्रैक्टिकल में बाह्य परीक्षक होंगे शामिल

लैब और मूलभूत सुविधाओं की जांच के निर्देश

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथियां घोषित होने के साथ ही चंदौली जिले में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जिले में प्रयोगात्मक परीक्षाएं आगामी 2 फरवरी से शुरू होकर 9 फरवरी तक चलेंगी। छात्र-छात्राओं को परीक्षा के दौरान होने वाली मानसिक उलझनों और तकनीकी शंकाओं के समाधान के लिए इस बार भी संयुक्त शिक्षा निदेशक (JD) कार्यालय पर परामर्श हेल्पलाइन शुरू की जा रही है।

142 केंद्रों पर तैनात होंगे सेक्टर मजिस्ट्रेट
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) देवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं को शुचितापूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले के 142 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इन सभी केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जाएगी। डीआईओएस ने सभी संबंधित प्रधानाचार्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने विद्यालयों की प्रयोगशालाओं (Labs) को दुरुस्त कर लें और रसायनों व उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

हेल्पलाइन के जरिए दूर होगी छात्रों की शंकाएं
विज्ञान वर्ग के परीक्षार्थियों के लिए भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे विषयों के प्रैक्टिकल अक्सर तनाव का कारण बनते हैं। इसे देखते हुए वाराणसी, आजमगढ़ और सोनभद्र मंडल के जिलों के लिए जल्द ही एक समर्पित हेल्पलाइन सेवा शुरू होगी। इसके माध्यम से छात्र सीधे विशेषज्ञों से बात कर अपने विषयों से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। विभाग का मानना है कि इससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

अंकों का गणित: बाह्य और आंतरिक परीक्षकों की भूमिका
यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, प्रत्येक प्रयोगात्मक विषय के लिए अधिकतम 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। इन अंकों को दो भागों में बांटा गया है। 15 अंक बाह्य परीक्षक (External Examiner) द्वारा ली जाने वाली परीक्षा और मौखिक (Viva) के आधार पर दिए जाएंगे। वहीं, शेष 15 अंक आंतरिक परीक्षक (Internal Examiner) यानी विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता द्वारा साल भर कराए गए प्रायोगिक कार्यों के आधार पर दिए जाएंगे। डीआईओएस ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।