आंखों के लिए जरुरी है  विटामिन-ए; गाजर से लेकर आम तक, इन 4 चीजों से सुधारें अपनी दृष्टि

 

बढ़ते स्क्रीन टाइम और अनियमित खान-पान के कारण आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, विटामिन-ए से भरपूर सही पोषण और 20-20-20 नियम अपनाकर हम अपनी दृष्टि को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।

 
 

बढ़ता स्क्रीन टाइम आंखों के लिए खतरा

नेशनल हेल्थ मिशन की विशेष सलाह

विटामिन-ए से मजबूत होगी रेटिना

गाजर और हरी सब्जियां हैं वरदान

अपनाएं आंखों का 20-20-20 नियम

आज की भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी, अनियमित खान-पान, सेहत के प्रति लापरवाही और लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम हमारी आंखों की सेहत के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, लैपटॉप और टीवी के सामने रोजाना घंटों वक्त बिताने की वजह से लोगों में आंखों की थकान, धुंधलापन, सूखापन (ड्राई आइज) और कमजोर दृष्टि जैसी गंभीर समस्याएं बेहद तेजी से पैर पसार रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, इस डिजिटल युग में सही पोषक तत्वों के नियमित सेवन से ही आंखों को लंबे समय तक सेहतमंद और सुरक्षित रखा जा सकता है।

नेशनल हेल्थ मिशन ने दी विटामिन-ए युक्त आहार लेने की सलाह
बढ़ते दृष्टि दोष को देखते हुए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने विटामिन-ए से युक्त संतुलित आहार को दैनिक जीवन में अपनाकर आंखों की उचित देखभाल करने की विशेष सलाह दी है। एनएचएम के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, विटामिन-ए आंखों की रोशनी को बुढ़ापे तक स्वस्थ बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण और बुनियादी भूमिका निभाता है। यह जीवनरक्षक विटामिन हमारी आंखों के रेटिना को ठीक ढंग से काम करने में मदद करता है, रात के अंधेरे में देखने की क्षमता (नाइट विजन) बढ़ाता है और आंखों को विभिन्न प्रकार के हानिकारक जीवाणु संक्रमणों से भी सुरक्षित रखता है।

आंखों की रोशनी चमकाने वाले विटामिन-ए के 4 प्रमुख स्रोत
हेल्थ एक्सपर्ट्स का स्पष्ट कहना है कि "बेहतर पोषण से ही बेहतर दृष्टि संभव है।" हम अपने भोजन की थाली में सही और प्राकृतिक आहार को शामिल कर अपनी आंखों की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा सकते हैं। एनएचएम के अनुसार, नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन आंखों की कमजोरी को आसानी से रोक सकता है:

गाजर: यह आंखों के लिए विटामिन-ए का सबसे बेहतरीन, सुलभ और लोकप्रिय प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। रोजाना गाजर का ताजा जूस पीने या इसे सलाद के रूप में भोजन में शामिल करने से आंखों की रोशनी बहुत तेज होती है और आंखों की मांसपेशियां (मसल्स) भी अंदर से बेहद मजबूत होती हैं।

हरी सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां प्रचुर मात्रा में विटामिन-ए से भरपूर होती हैं। ये पत्तेदार सब्जियां आंखों के लेंस को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानव शरीर को अन्य जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स भी प्रदान करती हैं।

आम: फलों का राजा आम न सिर्फ खाने में बेहद स्वादिष्ट और रसीला होता है, बल्कि यह विटामिन-ए का एक बेहतरीन और अचूक स्रोत भी है। गर्मियों के मौसम में आने वाले मौसमी आम का नियमित और सीमित सेवन आंखों की सेहत के लिए अत्यंत गुणकारी साबित होता है।

दूध और डेयरी उत्पाद: शुद्ध दूध और दूध से तैयार होने वाले अन्य उत्पाद जैसे कि ताजा दही, छाछ और पनीर भी विटामिन-ए के बहुत अच्छे और समृद्ध स्रोत होते हैं। इनका दैनिक सेवन शरीर में पोषक तत्वों की कमी को आसानी से पूरा करता है।

एक्सपर्ट्स ने बताया आंखों की सुरक्षा के लिए '20-20-20 का नियम'
आहार में सुधार करने के साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करते समय स्क्रीन टाइम को सीमित रखने की सख्त हिदायत दी है। इसके लिए डॉक्टरों ने '20-20-20 नियम' का पालन करने का सुझाव दिया है। इस नियम के तहत, हर 20 मिनट के स्क्रीन वर्क के बाद कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने से 20 फीट दूर रखी किसी भी वस्तु को अवश्य देखना चाहिए, ताकि आंखों पर तनाव न बने।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोगों को अपनी थाली में विटामिन-ए युक्त आहार को प्रमुखता से शामिल करना चाहिए। याद रखें, स्वस्थ आंखें ही एक बेहतर और खुशहाल जीवन की असली कुंजी हैं। आज आंखों के प्रति की गई छोटी से छोटी लापरवाही भी भविष्य में किसी बड़ी और अपरिवर्तनीय समस्या का सबब बन सकती है।