महिला आयोग तक पहुंचा लॉकरपीड़ित महिलाओं का दर्द, मदद का दिया आश्वासन
 

चंदौली जिले के जिला और पुलिस प्रशासन का रवैया लॉकरधारियों के प्रति काफी उपेक्षित रहा है। पुलिस प्रशासन भी मामले में केवल लीपापोती कर रहा है। नकली व ऑर्टिफिसियल गहने बरामद करके व इधर उधर के चोरों को पकड़कर खानापूर्ति कर रहा है। 
 

शशि मौर्य से लॉकर पीड़ित महिलाओं की मुलाकात, मांगे मदद के लिए संबंधित दस्तावेज, पुलिस व प्रशासन के रवैये की भी शिकायत

 

चंदौली जिले में इंडियन बैंक के लॉकर लूटकांड की प्रभावित महिलाओं ने आज राज्य महिला आयोग की सदस्य शशि मौर्या से मुलाकात करके उनसे अपना दर्द साझा किया। जिला मुख्यालय के डाक बंगले पर हुयी मुलाकात में महिलाओं ने प्रशासन की हीलाहवाली व लॉकरपीड़ितों के बजाय बैंक का साथ देने की शिकायत की। साथ 9 मई से फिर से अपना धरना प्रदर्शन शुरू करने की बात कही।

 मौके पर मौजूद रेखा सिंह ने कहा कि इस मामले में चंदौली जिले के जिला और पुलिस प्रशासन का रवैया लॉकरधारियों के प्रति काफी उपेक्षित रहा है। पुलिस प्रशासन भी मामले में केवल लीपापोती कर रहा है। नकली व ऑर्टिफिसियल गहने बरामद करके व इधर उधर के चोरों को पकड़कर खानापूर्ति कर रहा है। 

चंदौली पुलिस ने  बैंक के अधिकारियों की लापरवाही के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के बावजूद न तो उन्हें मुलजिम बनाया  और ना ही उनके ऊपर कार्यवाही की। इससे साफ लगता है कि सब लोग बैंक के साथ मिले हुए हैं और हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। केवल लॉकरधारियों को गोल मटोल जवाब देकर धरना प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है। 

महिलाओं ने शशि मौर्या से कहा कि कानपुर में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने पीड़ित महिलाओं की मदद करते हुए पूरे मामले को शासन के संज्ञान में रखा और उन्हें 24 दिन के अंदर मुआवजा मिल गया, लेकिन चंदौली जिले के जिला प्रशासन और राजनेताओं ने अपनी ओर से कोई पहल नहीं की। 

लॉकरपीड़िता राखी सिंह ने कहा कि महिला आयोग की सदस्य होने के नाते आपसे एक बार फिर हम पीड़ित महिलाओं ने अपनी फरियाद रखी है। आप अपने स्तर से कार्यवाही करें और हमें न्याय दिलाने की कोशिश करें।

 इस पर महिला आयोग की सदस्य शशि मौर्या ने महिलाओं को आश्वासन दिया और उनसे संबंधित कागजात भी मांगे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से जो भी संभव होगा.. सभी की मदद करने की कोशिश करेंगी।

 आपको बता दें कि चंदौली जनपद में 30-31 जनवरी 2022 की रात में डकैतों ने इंडियन बैंक के 40 लॉकरों को काटकर लगभग 20 करोड़ से अधिक के कीमती जेवरात-गहने सहित तमाम चीजें लूट ले गए थे। उसके बाद से बैंक प्रबंधन पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ रहा है और लॉकरधारियों की मदद कर उचित मुआवजा देने के बजाय कानूनी दांवपेच में लगा हुआ है। साथ ही मांगी जा रही जानकारियों व दस्तावेजों को देने में भी आनाकानी कर रहा है।

मौके पर पीड़ित लाॉकरधारियों में सुमन तिवारी, लोकनाथ सिंह, राखी सिंह, रेखा सिंह, रिंकू गुप्ता, रामेश्वर सिंह समेत पीड़ितों के परिवार के सदस्यगण मौजूद थे।