मौसम विभाग का रेड अलर्ट: भीषण हीटवेव को लेकर ADM राजेश कुमार ने जारी की सख्त गाइडलाइन, बदल सकता है स्कूलों का समय

 

मौसम विभाग द्वारा अत्यधिक तापमान और हीटवेव का रेड अलर्ट जारी होने के बाद चंदौली के एडीएम राजेश कुमार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों के समय में बदलाव से लेकर अस्पतालों में विशेष व्यवस्था तक, जानिए प्रशासन की पूरी तैयारी।

 
 

आईएमडी (IMD) ने भीषण गर्मी को लेकर जारी किया रेड अलर्ट

स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टी करने के निर्देश

दोपहर 12 से 4 बजे तक श्रमिकों के धूप में काम करने पर पाबंदी

अस्पतालों और आंगनवाड़ी केंद्रों में कूलिंग बेड तथा ओआरएस की व्यवस्था

सार्वजनिक स्थलों पर छाया, प्याऊ और वाटर टैंकर उपलब्ध कराने के आदेश

चंदौली जिले के लिए भी मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों की तरह अत्यधिक तापमान और जानलेवा हीटवेव (लू) को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम के इस कड़े रुख और गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए चंदौली जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) राजेश कुमार ने आम जनता, विशेषकर धूप में काम करने वाले श्रमिकों, छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अन्य संवेदनशील वर्गों को तापीय तनाव (थर्मल स्ट्रेस) से सुरक्षित रखने के लिए तत्काल प्रभाव से कई महत्वपूर्ण एवं कड़े निर्देश जारी किए हैं।

स्कूलों के समय में होगा बदलाव, दोपहर में काम पर रोक
एडीएम राजेश कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे मौसम की गंभीरता को देखते हुए आवश्यकतानुसार विद्यालयों के समय में परिवर्तन करें या जरूरत पड़ने पर अवकाश घोषित करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाएं। इसके साथ ही, अत्यधिक तापमान की इस अवधि में निर्माण कार्यों, फैक्ट्रियों के संचालन और अन्य शारीरिक श्रम वाले कार्यों के समय में भी बड़ा बदलाव किया जाएगा। श्रम विभाग और औद्योगिक इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि दोपहर 12:00 बजे से लेकर शाम 04:00 बजे तक श्रमिकों को सीधी धूप में काम करने से रोका जाए या इसे न्यूनतम स्तर पर लाया जाए।

सार्वजनिक स्थानों पर कूल शेल्टर और प्याऊ की व्यवस्था
प्रशासन ने नगर निकायों और संबंधित विभागों को आदेश दिया है कि बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों, प्रमुख मंदिरों और भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर कूल शेल्टर, छायादार विश्राम स्थल, निशुल्क प्याऊ और वाटर टैंकरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख चौराहों पर राहगीरों को राहत देने के लिए ग्रीन नेट/शेड लगाए जाएंगे, साथ ही सड़कों के किनारों पर तापमान कम करने के लिए वाटर स्प्रिंकलर (पानी का छिड़काव) की व्यवस्था को सक्रिय करने के लिए कहा गया है।

अस्पतालों में 'कूलिंग बेड' और ओआरएस के विशेष इंतजाम
स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह मुस्तैद रहने की हिदायत दी गई है। जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और आंगनवाड़ी केंद्रों में हीट स्ट्रोक तथा डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के इलाज के लिए आवश्यक दवाइयाँ, ओआरएस (ORS) पैकेट, आईवी फ्लूड, कूलिंग बेड, हेल्थ एटीएम और प्रशिक्षित स्टाफ की अतिरिक्त तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। एम्बुलेंस सेवा और आपातकालीन चिकित्सा तंत्र को हाई अलर्ट पर रखते हुए हीट स्ट्रोक के मामलों की दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी।

चलाया जाएगा व्यापक जागरूकता अभियान
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट न हो, इसके लिए नगर विकास, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग को सार्वजनिक पेयजल स्रोतों को निरंतर संचालित रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, सोशल मीडिया, माइकिंग, पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम और कूड़ा गाड़ियों के माध्यम से जनपद स्तर पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे दोपहर 12:00 से 04:00 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, लगातार पर्याप्त पानी पीते रहें और हीट स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानकर 'क्या करें और क्या न करें' की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करें।