आलोक इंटर कॉलेज में विधिक साक्षरता शिविर: छात्राओं को सिखाया 'गुड टच-बैड टच' का फर्क, दिए सुरक्षा टिप्स
आलोक इंटर कॉलेज में विधिक शिविर
सचिव निकिता गौड़ ने दी जानकारी
छात्राओं को समझाया 'गुड टच-बैड टच'
पॉक्सो एक्ट के सख्त प्रावधानों पर चर्चा
हेल्पलाइन नंबर 1090 और 1098 की जानकारी
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के दिशानिर्देशों के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली द्वारा गांधी जयंती के अवसर पर एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पॉक्सो अधिनियम-2012, महिला एवं बाल अधिकार और निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति लोगों को जागरूक करना है। अभियान का पहला चरण 25 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जबकि इसका दूसरा चरण 02 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
आलोक इंटर कॉलेज में लगा विधिक साक्षरता शिविर
इसी कड़ी में चंदौली स्थित आलोक इंटर कॉलेज में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंदौली की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने की। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्राएं, समस्त स्टाफ और पीएलवी (पारा लीगल वालंटियर्स) बड़ी संख्या में मौजूद रहे। शिविर के दौरान छात्राओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया।
छात्राओं को समझाया 'गुड टच' और 'बैड टच' का अंतर
शिविर को संबोधित करते हुए पूर्णकालिक सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने छात्राओं को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के मुख्य प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बीच का अंतर समझाते हुए कहा कि किसी भी असुरक्षित स्पर्श या स्थिति का विरोध करने में डरना नहीं चाहिए। यदि ऐसी कोई घटना होती है, तो तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में बेहद सख्त प्रावधान किए गए हैं।
हेल्पलाइन नंबरों और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
सचिव महोदया ने विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क और संवेदनशील रहें। शिविर में महिला कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों जैसे—नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1090 व 181 की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि विषम परिस्थितियों में बेटियां जागरूक होकर अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए सही कदम उठा सकें।