चंदौली में भीषण गर्मी का कहर: 15 जून तक बंद रहेंगे सभी आंगनबाड़ी केंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी का आदेश
15 जून तक आंगनबाड़ी केंद्र बंद
छोटे बच्चों को लू से बचाने का फैसला
अवकाश में भी केंद्र आएंगी कार्यकर्ता
पुष्टाहार वितरण और गृह भ्रमण रहेगा जारी
लापरवाही बरतने पर होगी कड़ी कार्रवाई
चंदौली जिले में सूर्य की तपिश और भीषण लू के चलते आम जनजीवन बेहाल है। इस अत्यधिक तापमान और चिलचिलाती धूप के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन और बाल विकास विभाग ने छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) राजकपूर ने अवगत कराया है कि जनपद के अंतर्गत संचालित होने वाले समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों को आगामी 15 जून 2026 तक के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बच्चों को तापीय तनाव और मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह अवकाश 23 मई 2026 से ही प्रभावी मान लिया गया है।
प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से अधिक संवेदनशील हैं नौनिहाल
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र स्थानीय प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों या अन्य सरकारी व अर्ध-सरकारी भवनों में संचालित किए जाते हैं। इन केंद्रों पर आने वाले 3 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चे प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थियों की तुलना में काफी छोटे, नाजुक और अधिक संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा, कई ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों पर तीव्र गर्मी से बचाव के पर्याप्त भौतिक साधन (जैसे पंखे या कूलर) भी उपलब्ध नहीं हैं। इसी स्थिति को भांपते हुए विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करते हुए उनके लिए अवकाश की घोषणा करना सबसे उचित समझा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को करना होगा इन शासकीय कार्यों का निष्पादन
भले ही छोटे बच्चों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया हो, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इस अवधि में कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। आदेश के मुताबिक, ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने निर्धारित केंद्रों पर नियमित रूप से उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। उन्हें 'पोषण ट्रैकर' ऐप पर रोजाना केंद्र खोलने की फीडिंग, लाभार्थियों का सत्यापन, मोबाइल नंबर लिंकिंग, ई-केवाईसी (e-KYC), और फेस कैप्चर तकनीक के माध्यम से पुष्टाहार (राशन) का वितरण सुनिश्चित करना होगा। इसके अलावा बच्चों का डिजिटल वजन मापन, क्षेत्र में गृह भ्रमण, विभिन्न सामुदायिक गतिविधियां और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) समेत अन्य सभी आवश्यक शासकीय कार्यों का निष्पादन पूर्व की भांति ही करना होगा।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) और मुख्य सेविकाओं को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों का लगातार और आकस्मिक भौतिक अनुश्रवण व निरीक्षण करना होगा। हर पंद्रह दिन (पाक्षिक) में इस निरीक्षण की एक विस्तृत प्रगति रिपोर्ट संबंधित मुख्य कार्यालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करनी होगी। उच्चाधिकारियों ने साफ तौर पर चेताया है कि इस आदेश का अक्षरशः व कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए; किसी भी स्तर पर पाई जाने वाली शिथिलता या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभिभावकों के लिए विशेष गाइडलाइंस
भीषण गर्मी और जानलेवा लू से बचाव के लिए विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गांवों में अभिभावकों के साथ बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। कार्यकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे माता-पिता को जागरूक करें कि बच्चों को सुबह 8:00 बजे से लेकर शाम 4:00 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में न आने दें। बच्चों के खान-पान में अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे मट्ठा, छाछ, नींबू की शिकंजी, तरबूज और खीरा शामिल करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को फील्ड में भ्रमण के दौरान अपने पास अनिवार्य रूप से ओआरएस (ORS) के पैकेट या नींबू, चीनी, नमक और साफ पानी का घोल तैयार रखने की सामग्री रखने का निर्देश दिया गया है।