चंदौली SP का एक और एक्शन: 'अपराधियों के मददगार' विजय बहादुर लाइन हाजिर, गैंगस्टर लगाकर भूल गए थे कोतवाल
चंदौली में अपराधियों के खिलाफ ढिलाई बरतने पर SP आकाश पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। समय पर गिरफ्तारी न होने से गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों को कोर्ट से राहत मिल गई, जिसके बाद SHO को लाइन हाजिर कर दिया गया।
SHO विजय बहादुर सिंह लाइन हाजिर
गैंगस्टर एक्ट के अपराधियों पर ढिलाई
वांछित अभियुक्तों को मिला 'अरेस्ट स्टे'
SP आकाश पटेल की बड़ी कार्रवाई
मझवार के शातिर अपराधियों का मामला
चंदौली जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बड़ी कार्रवाई की है। कार्य के प्रति घोर लापरवाही और पेशेवर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कदम न उठाने के आरोप में थाना चंदौली के प्रभारी निरीक्षक (SHO) विजय बहादुर सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तारी न होने से नपे SHO
जानकारी के अनुसार, थाना चंदौली में पंजीकृत गैंगस्टर एक्ट (मुकदमा संख्या 104/26) के तहत वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में थाना स्तर पर काफी शिथिलता बरती गई। SP द्वारा बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद SHO ने अभियुक्तों को समय से गिरफ्तार नहीं किया। कोतवाल ने इनके खिलाफ सॉफ्ट कार्नर अपनाया और उनको स्टे-ऑर्डर लेने का मौका दिया। चंदौली कोतवाली पुलिस की ढिलाई का लाभ उठाकर शातिर अपराधियों ने न्यायालय से 'अरेस्ट स्टे' (गिरफ्तारी पर रोक) प्राप्त कर लिया। पुलिस विभाग के शीर्ष नेतृत्व ने इसे विफलता और अपराधियों के प्रति ढुलमुल रवैया मानते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की है।
मझवार के शातिर अपराधियों का है संगठित गिरोह
पूरा मामला मझवार ग्राम के एक संगठित गिरोह से जुड़ा है। वादी पक्ष ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शुभम सिंह और उसके साथियों ने जानलेवा हमला किया था, जिसमें पीड़ित अभी भी उपचाररत है। इन अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास है:
अमन उर्फ शुभम: हत्या के प्रयास और गैंगस्टर सहित कुल 09 अभियोग।
रिशू उर्फ रितेश: कुल 07 गंभीर मामले दर्ज।
गोलू उर्फ ओमशिवम: एससी-एसटी एक्ट और गैंगस्टर सहित 03 मामले।
शुभम पाण्डेय व सिद्धार्थ सिंह: इन पर भी 04-04 मुकदमे दर्ज हैं।
SP के कड़े निर्देश: अपराधियों को नहीं मिलेगी पनाह
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही में किसी भी स्तर पर रुचि न लेना या शिथिलता बरतना अक्षम्य है। वादी द्वारा प्रार्थना पत्र दिए जाने और SP के कड़े आदेशों के बावजूद स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता ने विभाग की छवि धूमिल की है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य थानों में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रभारियों को चेतावनी दी है कि वांछित अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।