चंदौली मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों का कमाल, समय पर इलाज और बेहतरीन टीमवर्क ने बचाई सुजीत की जान
चंदौली के बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की टीम ने गंभीर हालत में पहुंचे मरीज सुजीत को नया जीवन दिया है। दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रखने के बाद मरीज की स्थिति सुधरी और उसे सफलतापूर्वक मास्क सपोर्ट पर लाया गया।
चंदौली मेडिकल कॉलेज में गंभीर मरीज को मिला नया जीवन
दो दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखने के बाद हालत में सुधार
काटा गांव निवासी सुजीत को आपात स्थिति में कराया गया था भर्ती
इमरजेंसी से लेकर आईसीयू टीम के तालमेल ने बचाई जान
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह ने टीम को दी बधाई
चंदौली जिले में स्थित बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय (पंडित कमलापति त्रिपाठी संयुक्त चिकित्सालय) के डॉक्टरों की टीम ने अपनी मुस्तैदी और समय पर सही इलाज से एक बेहद गंभीर मरीज की जान बचा ली है। 27 अगस्त को अस्पताल की टीम ने करीब दो दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे मरीज की हालत में सुधार आने के बाद उसे सफलतापूर्वक वेंटिलेटर से हटाकर नॉन-रीब्रीदर मास्क (NRBM) पर ला दिया है।
इमरजेंसी में गंभीर हालत में लाया गया था मरीज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सैयदराजा थाना क्षेत्र के ग्राम काटा के रहने वाले सुजीत पुत्र रामचंद्र को 25 अगस्त 2026 की दोपहर लगभग 1:25 बजे बहुत ही गंभीर स्थिति में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था। मरीज की हालत बेहद नाजुक देखकर वहां तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बिना एक पल गंवाए तत्काल जरूरी डॉक्टरी प्रक्रिया शुरू की और मरीज को सांस लेने में मदद के लिए इंट्यूबेशन किया।
इमरजेंसी स्टाफ की तत्परता से समय पर मिला सपोर्ट
इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद फार्मासिस्ट बीर सिंह और जूनियर रेजिडेंट्स की पूरी टीम ने डॉक्टर के साथ मिलकर काम किया। शुरुआती जीवनरक्षक इलाज और सांस का सपोर्ट देने के तुरंत बाद, दोपहर 2:20 बजे मरीज को बेहतर देखभाल के लिए अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
आईसीयू टीम की लगातार निगरानी और इलाज
आईसीयू में मरीज का पूरा इलाज और देखरेख आईसीयू प्रभारी डॉ. विवेकानंद तिवारी के निर्देशन में शुरू हुआ। वहीं, नर्सिंग टीम की पूरी जिम्मेदारी शुभम सिंह पटेल ने निभाई। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मरीज की सेहत पर पल-पल नजर रखी और जरूरी दवाइयों के साथ उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर बनाए रखा।
वेंटिलेटर हटाकर मास्क सपोर्ट पर रखा गया
मरीज 25 अगस्त की दोपहर 1:30 बजे से लेकर 27 अगस्त की दोपहर 2:30 बजे तक वेंटिलेटर पर रहा। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और दवाओं के असर से जब मरीज की हालत में अपेक्षित सुधार दिखने लगा, तो मेडिकल टीम ने उसे वेंटिलेटर से अलग करने का फैसला लिया। 27 अगस्त को दोपहर 2:35 बजे मरीज को वेंटिलेटर से सुरक्षित हटाकर ऑक्सीजन मास्क (NRBM) पर डाल दिया गया। फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर बनी हुई है और टीम उसकी निगरानी कर रही है।
अस्पताल प्रशासन और प्राचार्य ने सराहा टीमवर्क
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले हर गंभीर मरीज को तुरंत बेहतर से बेहतर इलाज देना उनकी पहली प्राथमिकता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह ने इस सफलता को सभी विभागों के शानदार तालमेल और समय पर मिले सही इलाज का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि अगर अस्पताल का हर विभाग इसी लगन और जिम्मेदारी से काम करता रहेगा, तो कॉलेज जल्द ही अपनी नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने इलाज में जुटी पूरी मेडिकल और नर्सिंग टीम को शुभकामनाएं दीं।