भारतीय किसान यूनियन ने मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन, जिले की इन समस्याओं को दूर करने की मांग
भाकियू टिकैत ने किसानों की समस्याओं पर खोला मोर्चा
बिछिया धरना स्थल पर आयोजित हुई बड़ी पंचायत
जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान के नेतृत्व में सौंपा गया ज्ञापन
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में दर्ज हैं कई मांगें
चंदौली जनपद में किसानों, मजदूरों, छात्रों और व्यवसायियों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने शुक्रवार को बिछिया स्थित धरना स्थल पर एक बड़ी पंचायत का आयोजन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई और एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
भाकियू टिकैत के मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि जिले की समस्याओं को लेकर कई बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसानों का कहना है कि लंबे समय से जिले में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी हो रही है और जनहित के मुद्दे लगातार ठंडे बस्ते में पड़े हुए हैं। इस कारण जिले के किसान, मजदूर और आम नागरिक परेशान हैं।
चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्रीय कार्यालय के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी जिलों में किसानों की लंबित समस्याओं पर पुनः ज्ञापन सौंपा जा रहा है ताकि मुख्यमंत्री तक वास्तविक स्थिति पहुंच सके।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे
ज्ञापन में कई जनहित और विकास से जुड़ी प्रमुख मांगें शामिल की गईं। इनमें —
- चंदौली मझवार और सकलडीहा रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से पहले रुकने वाली मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को पुनः शुरू करने की मांग।
- वाराणसी में स्थित चंदौली जिले के सभी कार्यालयों को चंदौली में स्थानांतरित करने की मांग, ताकि जनता को प्रशासनिक कार्यों के लिए वाराणसी न जाना पड़े।
- जिले में बस डिपो की स्थापना और नियमित संचालन की मांग।
- भुपौली और बलुआ पंप कैनाल को पूरी क्षमता से संचालित करने और नए पंप कैनाल लगाने की आवश्यकता।
- मूसा खांड और अवरवा टांड बांध को वाणसागर परियोजना से जोड़ने की मांग ताकि सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हो सके।
- हर ब्लॉक में खाद की उपलब्धता के लिए सरकारी समितियों का गठन और जिले में खाद का कोटा बढ़ाने की मांग।
- चौचकपुर घाट पर पुल निर्माण, ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिले।
- सकलडीहा और पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में किसानों के लिए मंडी की स्थापना।
- कोल्ड स्टोरेज और गन्ना मिल की स्थापना, जिससे किसानों को अपनी उपज के उचित मूल्य मिल सके।
- धानापुर ब्लॉक और गोरारी के गांवों में नदी कटान रोकने की व्यवस्था करने की मांग।
- जिले में राष्ट्रीय स्तर की लाइब्रेरी, ट्यूबवेल मिनी वर्कशॉप और सैनिकों के लिए आरामगृह जैसी सुविधाओं की स्थापना।
- जर्जर सड़कों की मरम्मत और ट्रामा सेंटर को शीघ्र चालू करने की मांग।
प्रशासन को दी चेतावनी
पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने कहा कि प्रशासन को कई बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। जिले के किसान, मजदूर, छात्र और व्यापारी वर्ग लगातार परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो किसान अनिश्चितकालीन धरना देने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
उन्होंने कहा कि चंदौली की जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। किसान अपने खेतों तक पानी नहीं पहुंचा पा रहे हैं, जबकि नहरें वर्षों से बंद पड़ी हैं। सड़कों की हालत बदहाल है, और कई सरकारी कार्यालय अभी भी वाराणसी में संचालित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को हर बार 40–50 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।
एडीएम ने दिया आश्वासन
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद एडीएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं का अध्ययन कर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के विकास से जुड़ी कोई भी समस्या अनदेखी नहीं की जाएगी और संबंधित विभागों को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया जाएगा।
पंचायत में गूंजे किसान हित के स्वर
पंचायत में किसानों ने “किसान एकता जिंदाबाद”, “समस्याओं का समाधान दो”, “भकियू टिकैत जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। बैठक में मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी, नगर अध्यक्ष डॉ. राजीव मौर्या, जिला उपाध्यक्ष छोटे लाल मोछू, कोषाध्यक्ष खिचडू चौहान, तहसील अध्यक्ष श्रवण मौर्या, ब्लॉक अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, बरहनी अध्यक्ष जीउत मौर्या और संगठन मंत्री दशरथ राम समेत पांचों तहसीलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भोला ने की और संचालन मंडल प्रवक्ता मणि देव चतुर्वेदी ने किया।