सांसद और विधायक का धरना लाया रंग, चंदौली पुल हादसे में सेतु निगम के खिलाफ FIR, प्रोजेक्ट मैनेजर और जेई पर गिरी गाज
चंदौली के बनौली खुर्द में निर्माणाधीन ओवरब्रिज गिरने के मामले में सपा सांसद वीरेंद्र सिंह और विधायक प्रभु नारायण के धरने के बाद प्रशासन झुका। डीएम ने जेई को सस्पेंड करने और कार्यदाई संस्था पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
सपा सांसद और विधायक का धरना सफल
सेतु निगम की कार्यदाई संस्था पर FIR
लापरवाह जेई को किया गया सस्पेंड
प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू
जिलाधिकारी और एसपी ने किया स्थलीय निरीक्षण
चंदौली जनपद के सदर तहसील अंतर्गत बनौली खुर्द गांव के पास निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का हिस्सा गिरने के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह और सकलडीहा विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव के कड़े रुख और घटनास्थल पर दिए गए धरने के बाद जिला प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। देर रात जिलाधिकारी ने दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
जांच के नाम पर 'खानापूर्ति' का विरोध और धरना
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे ने मौके का निरीक्षण किया था। शुरुआती तौर पर मामले की जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं को आशंका थी कि जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाएगी। इसी के विरोध में सांसद वीरेंद्र सिंह और विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव समर्थकों के साथ मौके पर ही धरने पर बैठ गए। सपा नेताओं ने स्पष्ट ऐलान किया कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती और दोषियों पर गाज नहीं गिरती, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
प्रशासनिक कार्रवाई की जद में आए अधिकारी
सपा नेताओं के आक्रामक रवैये और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए जिलाधिकारी ने रात में ही सख्त आदेश जारी किए। प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाइयों का विवरण निम्न है:--
1-FIR दर्ज: पुल निर्माण करा रही कार्यदाई संस्था के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए।
2-निलंबन (Suspension): लापरवाही बरतने वाले संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) को सस्पेंड कर दिया गया है।
3-विभागीय कार्रवाई: असिस्टेंट इंजीनियर (एई) और प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
4- उच्च स्तरीय जांच: चीफ इंजीनियर (PWD) को पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
सेतु निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
बनौली खुर्द में इस ओवरब्रिज का निर्माण सेतु निगम द्वारा कराया जा रहा था। ढलाई के दौरान ब्रिज का हिस्सा क्षतिग्रस्त होना निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, प्रशासन ने राहत व्यक्त की है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। फिलहाल, घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और चीफ इंजीनियर की टीम मलबे और निर्माण सामग्री के सैम्पल लेकर जांच में जुट गई है। सपा नेताओं ने इस कार्रवाई को जनता की जीत बताया है।