मुसाखाड़ बांध परियोजना में लापरवाही पर भड़के CDO, ठेकेदारों और इंजीनियरों को अब आयी डांटने की याद
चंदौली के मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई ने मुसाखाड़ बांध और भूपौली मुख्य नहर का औचक निरीक्षण किया। कार्यों में धीमी प्रगति और लापरवाही देख सीडीओ ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी फटकार लगाते हुए तय समय सीमा में कार्य पूरा करने की चेतावनी दी है।
मुसाखाड़ बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण
दो महीने से बंद पड़ा सीसी लाइनिंग कार्य
लापरवाह ठेकेदारों और अधिकारियों को फटकार
नहरों में जल्द पानी छोड़ने के निर्देश
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
चंदौली जिले की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों तक समय से पानी पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर. जगत साई ने मंगलवार को मुसाखाड़ बांध प्रखंड, भूपौली मुख्य नहर और बढ़वल राजवाहा के निर्माण कार्यों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्य स्थल पर मिली खामियों और धीमी प्रगति को देखकर सीडीओ ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों की जमकर क्लास लगाई।
दो माह से बंद मिला सीसी लाइनिंग का कार्य
निरीक्षण के दौरान सीडीओ सबसे पहले भूपौली मुख्य नहर पहुँचे। यहाँ किलोमीटर 0.280 से 6.030 और किलोमीटर 6.506 से 7.940 तक चल रहे सीसी लाइनिंग कार्य की समीक्षा की गई। मौके पर लाइनिंग का कार्य पूरी तरह बंद पाया गया। अधिशासी अभियंता ने स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि नहर के निचले हिस्से (बेड) की लाइनिंग तो पूरी हो चुकी है, लेकिन ढलान (स्लोप) का कार्य पिछले दो महीनों से रुका हुआ है। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने तत्काल कार्य शुरू करने के आदेश दिए।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर
सीडीओ आर. जगत साई ने दोटूक शब्दों में कहा कि मुसाखाड़ बांध परियोजना जिले के हजारों किसानों की आजीविका और सिंचाई व्यवस्था की रीढ़ है। इसमें किसी भी स्तर पर बरती गई शिथिलता अक्षम्य होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिदिन कार्यों की निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री उच्च गुणवत्ता की हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कार्यों में गुणवत्ता की कमी या बेवजह की देरी पाई गई, तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बढ़वल राजवाहा की बहाली में तेजी लाने के निर्देश
इसके पश्चात सीडीओ ने बढ़वल राजवाहा के किलोमीटर 0.000 से 17.000 तक हो रहे कार्यों का जायजा लिया। यहाँ नहर के आंतरिक और बाहरी हिस्सों में मिट्टी के कार्य, पक्के कार्यों की बहाली और नहरी भूमि के सीमांकन की समीक्षा की गई। यहाँ भी कार्य की रफ्तार असंतोषजनक मिली। सीडीओ ने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द से जल्द पूरी कर काम खत्म करें, ताकि किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाया जा सके।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रविशंकर मिश्रा, सहायक अभियंता अनुराग सिंह, रामचंद्र सिंह, जूनियर इंजीनियर इंद्र बहादुर सिंह यादव, प्रदीप कुमार, राजेश सिंह सहित बांध प्रखंड के अन्य तमाम अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सीडीओ के इस कड़े रुख के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है और अब रुके हुए कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।