चंदौली में संभावित अग्निकांड को रोकने के लिए 'साहब लोग' हुए एक्टिव, ADM दे रहे ऐसी धमकी
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद चंदौली प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम राजेश कुमार की अध्यक्षता में निजी स्कूलों, कोचिंग, अस्पतालों और होटलों के संचालकों के साथ बैठक कर अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।
लखनऊ आगजनी के बाद एक्शन
कलेक्ट्रेट में एडीएम की बैठक
अस्पताल, होटल और कोचिंग नपेंगे
नक्शा पास और फायर सिस्टम जरूरी
मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब चंदौली जिले का प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह एक्टिव हो गया है। अक्सर देखा जाता है कि बड़ी घटनाओं के तुरंत बाद ही अधिकारी निर्देश जारी करते हैं, जो कुछ दिनों बाद ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। लेकिन फिलहाल, संभावित अग्निकांड को रोकने और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
निजी और सरकारी संस्थानों को दी गई कड़ी चेतावनी
इस बैठक में जिले के सभी निजी और सरकारी शिक्षण संस्थान, कोचिंग सेंटर, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल और मैरेज लॉन के संचालकों को सीधे तौर पर तलब किया गया था। एडीएम राजेश कुमार ने साफ़ शब्दों में कहा कि प्रदेश में लगातार हो रहे अग्निकांडों से सबक लेते हुए जिले के सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन करना ही होगा। इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फायर सिस्टम से लेकर नक्शा पास होना अब जरूरी
बैठक के दौरान सभी संचालकों को अग्नि सुरक्षा से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। अब हर संस्थान के लिए अपने भवन का नक्शा पास होना, परिसर में आधुनिक अग्नि सुरक्षा सिस्टम (फायर फाइटिंग सिस्टम) लगाना, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की पुख्ता व्यवस्था करना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित आपातकालीन निकासी (इमरजेंसी एग्जिट) का रास्ता रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी को अपनी आपदा प्रबंधन योजना का निर्माण करने और सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अलग-अलग विभागों को सौंपी गई जांच की जिम्मेदारी
अपर जिलाधिकारी ने इस अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को निर्देशित किया कि वे जिले के सभी निजी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों की जांच करें कि वे मानकों के अनुरूप चल रहे हैं या नहीं। वहीं स्वास्थ्य विभाग को निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम का नियमसंगत निरीक्षण कर सुरक्षा उपाय लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) को निर्देश दिया गया है कि वे सभी संस्थानों के उपकरणों की जांच करें और उन्हें सही तरीके से स्थापित करने में सहयोग करें।
बैठक में मौजूद रहे जिले के तमाम आला अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO), अपर पुलिस अधीक्षक (ASP), जिला विद्यालय निरीक्षक, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, जिले के समस्त उपजिलाधिकारी (SDM), समस्त तहसीलदार, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और सभी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में प्राइवेट कोचिंग, स्कूलों, अस्पतालों और होटलों के संचालक भी उपस्थित थे। अब देखना यह होगा कि यह फरमान जमीनी स्तर पर कितना लागू रह पाता है।