चंदौली में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की हुंकार: 10 सूत्री मांगों के लिए धरना, 8 मार्च को 'डेरा डालो–घेरा डालो' की चेतावनी
चंदौली जिला मुख्यालय पर आंगनवाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सरकारी कर्मचारी का दर्जा और वेतनमान की मांग के साथ उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो महिला दिवस पर लखनऊ में बड़ा आंदोलन होगा।
10 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले
8 मार्च को 'डेरा डालो–घेरा डालो' आंदोलन की चेतावनी
पोषण ट्रैकर हेतु 5G मोबाइल और रिचार्ज की मांग
एसडीएम सदर को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
चंदौली जिला मुख्यालय पर गुरुवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। 'आंगनवाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश' के बैनर तले आयोजित इस धरने में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपने हक की आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगी।
प्रमुख मांगें: सरकारी कर्मचारी का दर्जा और वेतनमान
धरना स्थल पर वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग पौने चार लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अल्प मानदेय पर दिन-रात काम कर रही हैं। उनकी प्रमुख मांगों में उन्हें पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी घोषित करना, उचित वेतनमान, भविष्य निधि (PF), पेंशन, ग्रेच्युटी और चिकित्सा सुविधा प्रदान करना शामिल है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें वे सभी वैधानिक लाभ मिलने चाहिए जो एक सरकारी कर्मचारी को मिलते हैं।
डिजिटल कार्य और प्रोन्नति पर उठाई आवाज
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने तकनीकी समस्याओं पर भी ध्यान आकर्षित कराया। उनकी मांग है कि:
डिजिटल संसाधन: पोषण ट्रैकर ऐप पर ऑनलाइन कार्य करने के लिए 1500 रुपये प्रतिमाह का प्रोत्साहन भत्ता और हाई-स्पीड 5G मोबाइल के साथ इंटरनेट रिचार्ज की व्यवस्था सरकार करे।
प्रोन्नति के नियम: आंगनवाड़ी एवं मुख्य सेविका पद पर प्रोन्नति के लिए 50 वर्ष की आयु सीमा की बाध्यता को तत्काल समाप्त किया जाए और बाहर से होने वाली सीधी भर्ती पर रोक लगे।
शिक्षक का दर्जा: नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 'प्राथमिक शिक्षक' का दर्जा दिया जाए और ICDS योजना को एक नियमित सरकारी विभाग बनाया जाए।
8 मार्च को 'डेरा डालो-घेरा डालो' की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी के लहजे में कहा कि यदि सरकार उनकी इन 10 सूत्री मांगों को अनसुना करती है, तो आगामी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रदेशव्यापी 'डेरा डालो–घेरा डालो' आंदोलन शुरू किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे अपनी सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। सेवानिवृत्ति के बाद 5 लाख रुपये की ग्रेच्युटी और पेंशन की मांग को लेकर भी उन्होंने कड़ा रुख अपनाया है।
प्रशासन का हस्तक्षेप और आश्वासन
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए सदर उप जिला अधिकारी (एसडीएम) दिव्या ओझा धरना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने आंदोलनकारी महिलाओं से बातचीत की और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित उनका ज्ञापन प्राप्त किया। एसडीएम ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा और जल्द ही उचित समाधान का प्रयास किया जाएगा। प्रशासनिक आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त किया, लेकिन आंदोलन की रूपरेखा को बरकरार रखा है।