BSA के गायब रहने पर भड़का शिक्षक संघ: चकिया के 52 संकुल शिक्षकों को हटाने का विरोध, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
चन्दौली में लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बीएसए कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिकारियों के न मिलने पर शिक्षक गेट पर ही धरने पर बैठ गए और वेतनमान, एनपीएस व शिक्षकों के समायोजन पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
बीएसए कार्यालय के गेट पर शिक्षकों का धरना
विज्ञान वर्ग के शिक्षकों को चयन वेतनमान देने की मांग
चकिया क्षेत्र के 52 संकुल शिक्षकों को हटाने का विरोध
एनपीएस का 6 महीने से लंबित पैसा जारी करने की मांग
मांगें पूरी न होने पर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी
चन्दौली: जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय का घेराव कर दिया। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के बैनर तले जुटे शिक्षकों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बीएसए द्वारा कोई ठोस आश्वासन न मिलने और उनके कार्यालय से नदारद रहने के कारण नाराज शिक्षक दफ्तर के मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
इन मांगों को लेकर अड़ा है शिक्षक संघ
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह और महामंत्री संजय सुमन कुमार सिंह ने विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाया। शिक्षकों की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:---
1-चयन वेतनमान: विज्ञान वर्ग के पात्र शिक्षकों को तत्काल चयन वेतनमान का लाभ दिया जाए।
2-शिक्षकों की बहाली: चकिया क्षेत्र में बीच सत्र के दौरान हटाए गए 13 नोडल और 52 संकुल शिक्षकों का निर्णय तत्काल वापस हो।
3-एनपीएस भुगतान: पिछले 6 महीनों से लंबित एनपीएस का पैसा शीघ्र शिक्षकों के खातों में निर्गत किया जाए।
4-नियमों का उल्लंघन: अनुपस्थित शिक्षकों का वेतन न काटकर आकस्मिक अवकाश काटा जा रहा है, जिसे संघ ने नियम विरुद्ध बताते हुए सुधार की मांग की है।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी से भड़का आक्रोश
महामंत्री संजय सिंह ने बताया कि शिक्षक अपनी फरियाद लेकर आए थे, लेकिन बीएसए के न मिलने से उनका धैर्य जवाब दे गया। लगभग एक घंटे तक इंतजार करने के बाद शिक्षकों ने गेट जाम कर प्रदर्शन शुरू किया। संघ ने यह भी मांग उठाई कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार शिक्षकों का पुनः समायोजन पारदर्शिता के साथ किया जाए।
प्रदेश स्तर पर आंदोलन की चेतावनी
धरने के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इन स्थानीय समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो यह लड़ाई केवल जिले तक सीमित नहीं रहेगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे उच्चाधिकारियों और प्रदेश नेतृत्व के माध्यम से लखनऊ तक आंदोलन को ले जाएंगे। इस प्रदर्शन में सदानंद दुबे, महेंद्र मौर्य, श्याम बिहारी, इमरान अली, राजीव पटेल, गंगाधर गोपाल, विनय सिंह और जयप्रकाश भारती समेत सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।