2027 की जनगणना की तैयारियां तेज, एडीएम राजेश कुमार के नेतृत्व में जिला स्तरीय समिति का पहला प्रशिक्षण संपन्न।
चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम राजेश कुमार की अध्यक्षता में आगामी जनगणना-2027 की जिला स्तरीय समन्वय समिति का पहला प्रशिक्षण संपन्न हुआ। यह ऐतिहासिक 16वीं जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिसके लिए 2 मास्टर और 66 फील्ड ट्रेनर तैयार कर लिए गए हैं।
चंदौली कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय जनगणना प्रशिक्षण
पूरी तरह डिजिटल माध्यम (ऐप/पोर्टल) से होगी गणना
स्वतंत्रता के बाद यह देश की 8वीं जनगणना
2 मास्टर ट्रेनर और 66 फील्ड ट्रेनर तैयार
CMMS पोर्टल पर प्रगणकों का डाटाबेस अपलोड
दो चरणों (भवन और जनसंख्या) में संपन्न होगा कार्य
देश की आगामी जनगणना-2027 को लेकर शासन-प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में शुक्रवार को चंदौली कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (एडीएम) राजेश कुमार ने की, जिन्होंने जनगणना की नई रूपरेखा और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
1872 के बाद 16वीं और पूरी तरह 'डिजिटल' होगी यह जनगणना
प्रशिक्षण के दौरान एडीएम राजेश कुमार ने बताया कि यह वर्ष 1872 से अब तक की 16वीं और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की 8वीं जनगणना होगी। इस बार की जनगणना का सबसे बड़ा बदलाव इसका पूरी तरह से 'डिजिटल' होना है। अब कागजों के बजाय सारा डाटा सीधे मोबाइल ऐप और पोर्टल के माध्यम से फीड किया जाएगा। इस डिजिटल प्रक्रिया को त्रुटिहीन (Error-free) बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को तकनीक के प्रति सजग रहने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
66 फील्ड ट्रेनर तैयार, CMMS पोर्टल पर अपलोड हो रहा डाटा
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के लिए जिले में दो मास्टर ट्रेनर और 66 फील्ड ट्रेनर पूरी तरह से तैयार कर लिए गए हैं। प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) की सूची का डिजिटल संधारण पहले ही किया जा चुका है। इससे CMMS पोर्टल पर जनगणना पदाधिकारियों का डेटाबेस अपलोड करने की प्रक्रिया तेज और सुगम हो गई है।
दो चरणों में पूरा होगा महाभियान
समिति को जनगणना कार्य निदेशालय के प्रतिनिधि मनोज ने तकनीकी पहलुओं पर गहन प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय महाभियान दो मुख्य चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण में भवन (मकान) गणना की जाएगी और इसके बाद दूसरे चरण में मुख्य जनसंख्या गणना का कार्य होगा। इस जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में उप जिलाधिकारीगण (SDMs), बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (NIC), जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO), तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।