जनगणना के दूसरे चरण को लेकर कलेक्ट्रेट में दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, DM ने दिए पारदर्शिता के निर्देश

 

चंदौली कलेक्ट्रेट में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण 'जनसंख्या की गणना' को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक आयोजित हुई। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को पारदर्शिता और शुद्धता के साथ तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

 
 

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

डीएम चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक

'जनसंख्या की गणना' के लिए अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश

डेटा संकलन में पारदर्शिता और शुद्धता बनाए रखने पर जोर

एडीएम वित्त एवं राजस्व सहित सभी चार्ज अधिकारी रहे मौजूद

चंदौली जिला कलेक्ट्रेट सभागार में 17 और 18 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलता पूर्वक समापन हो गया। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की समीक्षा बैठक और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस बैठक में जनगणना प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए खाका तैयार किया गया।

द्वितीय चरण 'जनसंख्या की गणना' पर रहा विशेष जोर
समीक्षा बैठक के दौरान जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी 'जनसंख्या की गणना' (Population Enumeration) की तैयारियों को लेकर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और सहायकों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का एक बेहद संवेदनशील और जिम्मेदारी भरा काम है। इसमें किसी भी स्तर पर जरा सी भी ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डेटा संकलन में शुद्धता और समय-सीमा का रखें ध्यान
जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि सभी चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक और गणना सहायक धरातल पर उतरकर पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ आंकड़े संकलित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्धारित समय-सीमा के अंदर ही द्वितीय चरण के सभी मानकों और प्रारूपों को पूरा किया जाए। प्रशिक्षण में सीखी गई बारीकियों को फील्ड में सही तरीके से लागू करें, ताकि किसी तरह की तकनीकी या व्यावहारिक दिक्कत न आए।

अधिकारी और कर्मचारियों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, समस्त चार्ज अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला स्तरीय अधिकारी और सभी तकनीकी व जनगणना सहायक मौजूद रहे। जिला प्रभारी द्वारा सभी अधिकारियों और फील्ड कर्मियों को जनगणना के कड़े मानकों, मोबाइल/डिजिटल ऐप्स और रिपोर्टिंग की आधुनिक प्रक्रियाओं का गहन प्रशिक्षण दिया गया, ताकि डेटा पूरी तरह त्रुटिहीन रहे।