चंदौली कलेक्ट्रेट पर दिव्यांगों का हल्लाबोल: आवास, पेंशन और बिजली बिल माफी को लेकर भरी हुंकार
चंदौली कलेक्ट्रेट में सोमवार को दिव्यांगजनों ने अपनी जायज मांगों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। आवास के नाम पर धनउगाही और भारी-भरकम बिजली बिलों से परेशान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा।
कलेक्ट्रेट परिसर में दिव्यांगों का प्रदर्शन
आवास और पेंशन की प्रमुख मांग
पंचायत सचिव पर धनउगाही का आरोप
बिजली बिल माफी की उठी मांग
उग्र आंदोलन की दी गई चेतावनी
चंदौली जिले में सोमवार को जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में दिव्यांगजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अपनी लंबित मांगों और प्रशासन की कथित अनदेखी से आहत दर्जनों दिव्यांगों ने मुख्यालय पर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। आवास, पेंशन और बिजली बिलों में राहत जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे इन लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों का ज्ञापन प्रभारी अधिकारी को सौंपा।
पंचायत सचिव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारियों ने नियामताबाद ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले एक पंचायत सचिव पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। दिव्यांग संगठन के सदस्यों का कहना है कि आवास दिलाने के नाम पर दिव्यांगों से धनउगाही की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार की शिकायतें कई बार की गईं, लेकिन संबंधित अधिकारी के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर पात्रों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बिजली बिल और पेंशन की समस्या से बढ़ी नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगजनों ने भारी-भरकम बिजली बिलों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे हजारों रुपये का बिजली बिल भर सकें। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दिव्यांगों के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की जाए और उनके पुराने बिजली बिलों को पूरी तरह माफ किया जाए। इसके साथ ही, पेंशन की रुकी हुई धनराशि को भी जल्द जारी करने की अपील की गई।
प्रशासन को आंदोलन की बड़ी चेतावनी
दिव्यांग संगठन ने ज्ञापन सौंपते हुए साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र बनाने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी लाचारी का फायदा उठाना बंद करे और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों पर नकेल कसे। कलेक्ट्रेट परिसर में हुए इस प्रदर्शन के दौरान दिव्यांगों के चेहरों पर प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश दिखाई दिया। अब सबकी नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।