चंदौली के डिग्घी गांव में ईंट भट्ठों की मनमानी, पहली बारिश ने खोली पोल, राहगीरों का चलना हुआ मुहाल
चंदौली के डिग्घी गांव में ईंट भट्ठों द्वारा नियमों की अनदेखी ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। बारिश के कारण कीचड़ से भरी सड़कों पर लोग चोटिल हो रहे हैं, वहीं अवैध खुदाई और जहरीले धुएं से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।
डिग्घी गांव में सड़कों की बदतर हालत
ईंट भट्ठों द्वारा मानकों के विपरीत अवैध खुदाई
राहगीर गिरकर हो रहे हैं बुरी तरह चोटिल
टायर और लकड़ी जलाने से बढ़ रहा प्रदूषण
प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश
चंदौली जनपद के डिग्घी गांव सहित जिला मुख्यालय से सटे कई इलाकों में संचालित ईंट भट्ठे ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं। 'आरबीसी' (RBC) मार्का ईंट भट्ठे की मनमानी ने पहली ही बारिश में गांव की सूरत बिगाड़ कर रख दी है। भट्ठा संचालकों द्वारा मानकों को ताक पर रखकर की जा रही गतिविधियों से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि आम जनजीवन भी खतरे में है।
कीचड़ से लथपथ सड़कें और चोटिल राहगीर
ग्रामीणों का आरोप है कि ईंट भट्ठा संचालकों ने भारी वाहनों और मिट्टी धुलाई के जरिए सड़कों को बद से बदतर बना दिया है। पहली बारिश होते ही सड़कें कीचड़ के तालाब में तब्दील हो गई हैं। आलम यह है कि राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है और आए दिन बाइक सवार व पैदल यात्री फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। जहाँ प्रशासन करोड़ों रुपये खर्च कर गांवों में सड़कें बना रहा है, वहीं ये भट्ठा संचालक उन्हें चंद दिनों में ही बर्बाद कर दे रहे हैं।
मानकों के विपरीत अवैध खुदाई का खेल
डिग्घी गांव में नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़कों के बिल्कुल करीब 5 से 6 फुट गहराई तक मिट्टी की खुदाई की जा रही है। बारिश के दौरान भी मिट्टी निकालने का काम जारी रहने से मुख्य मार्ग पूरी तरह धंस चुके हैं। सवाल यह उठता है कि घनी आबादी वाले गांवों के इतने करीब भट्ठे संचालित करने और अवैध गहराई तक खुदाई करने की अनुमति आखिर किसने दी?
जहरीला धुआं और पर्यावरण पर प्रहार
सड़क ही नहीं, बल्कि यहाँ का वातावरण भी प्रदूषित हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, भट्ठों में कोयले के बजाय टायर, सरसों का डंठल और गीली लकड़ियां जलाई जा रही हैं। इनसे निकलने वाला काला जहरीला धुआं मानव जीवन और फसलों पर बुरा प्रभाव डाल रहा है। प्रदूषण विभाग की इस चुप्पी ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की है।