चंदौली में बंद कमरे की 'दिशा' बैठक पर उठे गंभीर सवाल, सपा सांसद वीरेंद्र सिंह बोले-हमें मीडिया से प्रशस्ति पत्र नहीं चाहिए

 

 चंदौली कलेक्ट्रेट में सपा सांसद वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला 'दिशा' बैठक विवादों में घिर गई। बंद कमरे में हुई इस बैठक से मीडिया को पूरी तरह दूर रखा गया, जिसके बाद सांसद के एक बेतुके बयान से नाराज पत्रकारों ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया।

 
 

कलेक्ट्रेट सभागार में 'दिशा' की बैठक आयोजित

बंद कमरे में हुई विकास कार्यों की समीक्षा

मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह रहा प्रतिबंध

सपा सांसद वीरेंद्र सिंह का बेतुका बयान

नाराज स्थानीय मीडिया कर्मियों ने किया बहिष्कार

चंदौली जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई यह बैठक जनपद के विकास कार्यों पर चर्चा से ज्यादा अपनी अत्यधिक गोपनीयता और विवादों को लेकर सुर्खियों में आ गई है। 

वैसे तो इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के विकास, नई योजनाओं, जर्जर सड़कों, बिजली-पानी की किल्लत, स्वास्थ्य सुविधाओं और किसानों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर बंद कमरे में विस्तृत समीक्षा की गई, लेकिन इस पूरी कार्यवाही को सार्वजनिक नजरों से दूर रखा गया। बैठक के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ पीएसी की तैनाती की गई थी।

बंद कमरे में हुई विकास कार्यों की समीक्षा
मीडिया के प्रवेश पर पूरी तरह रहा प्रतिबंध
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह का बेतुका बयान
नाराज स्थानीय मीडिया कर्मियों ने किया बहिष्कार@mediacellsp @apkavirendra @BJP4UP @dmchandauli @cdochandauliup pic.twitter.com/3Tp3z1lXIh

— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 16, 2026


मीडिया की एंट्री पर लगा बैन, अंदरूनी समझौते की आशंका
इस महत्वपूर्ण बैठक की सबसे अजीब बात यह रही कि इसमें मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई थी। बंद कमरे में हुई इस चर्चा के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर जनता के विकास से जुड़ी बैठक में ऐसी कौन सी गुप्त बातें हो रही थीं, जिसे मीडिया की मौजूदगी में करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ठीक नहीं लगा।

 चर्चा यह भी है कि पिछली दिशा बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के जनप्रतिनिधियों के बीच भारी विवाद और किरकिरी हुई थी। उसी से सबक लेते हुए इस बार दोनों दलों के प्रतिनिधियों ने बेहद सतर्क रुख अपनाया और कई मुद्दों पर अंदरूनी सहमति बना ली, जिसे छुपाने के लिए पत्रकारों को बाहर रखा गया। इस पाबंदी पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी चुप्पी साध रखी है।

सांसद वीरेंद्र सिंह के बिगड़े बोल, मीडिया ने किया पूर्ण बहिष्कार
बैठक समाप्त होने के बाद जब मीडिया कर्मी बाहर अपना वर्जन (प्रतिक्रिया) लेने पहुंचे, तो माहौल बेहद गर्म हो गया। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने पत्रकारों के सवालों पर एक बेहद बेतुका और विवादित बयान दे डाला। मीडिया वर्जन के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, "हमें मीडिया से कोई प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) नहीं चाहिए।" 

सांसद के इस गैर-जिम्मेदाराना और घमंड भरे बयान से मौके पर मौजूद पत्रकारों का स्वाभिमान आहत हो गया। सांसद के इस रवैये से नाराज होकर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सभी मीडिया कर्मियों ने एक सुर में एकजुटता दिखाई और पूरी दिशा बैठक की कवरेज व कार्यक्रम का पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दिया। अब देखना होगा कि बंद कमरे के इस सियासी ड्रामे और मीडिया के आक्रोश के बाद प्रशासनिक अमला क्या सफाई देता है।