शिशु गृह और संप्रेक्षण गृह का औचक निरीक्षण: बाल संप्रेक्षण गृह में सचिव निकिता गौड़ ने दिए निर्देश
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता गौड़ ने रामनगर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह और बिछिया कला के शिशु गृह का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की भोजन गुणवत्ता, स्वास्थ्य और विधिक सहायता की उपलब्धता की बारीकी से समीक्षा की।
सचिव निकिता गौड़ ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
37 किशोर बंदियों से संवाद और समस्याओं की जानकारी
निशुल्क विधिक सहायता और अधिवक्ता के निर्देश
शिशु गृह में बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान
कौशल विकास और शिक्षा के प्रति किया जागरूक
चंदौली की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड़ ने गुरुवार को राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह, रामनगर का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संस्था में निरुद्ध किशोर बंदियों से सीधे मुलाकात कर उनसे मिल रही सुविधाओं और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रभारी अधीक्षक ने जानकारी दी कि वर्तमान में चंदौली जिले के कुल 37 किशोर बंदी यहाँ निरुद्ध हैं। सचिव ने बच्चों से पूछा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं है, जिस पर किशोरों ने संतोषजनक जवाब दिया।
पाकशाला की स्वच्छता और मीनू पर जोर
निरीक्षण के दौरान सचिव ने विशेष रूप से पाकशाला (किचन) का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजन की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता न किया जाए और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार ही संतुलित भोजन प्रदान किया जाता है। इसके अलावा, सचिव ने किशोरों को सरकार द्वारा संचालित कौशल विकास योजनाओं के लाभ उठाने और शिक्षा के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
अभिभावकों को मिलेगी निशुल्क अधिवक्ता की सुविधा
सचिव निकिता गौड़ ने विधिक अधिकारों पर चर्चा करते हुए प्रभारी अधीक्षक को निर्देशित किया कि जिन किशोर बंदियों के पास कानूनी पैरवी के लिए साधन नहीं हैं, उनके अभिभावकों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने को कहा जाए। प्राधिकरण की ओर से ऐसे परिवारों को निशुल्क अधिवक्ता और विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि न्याय की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
शिशु गृह (बिछिया कला) का भी किया निरीक्षण
संप्रेक्षण गृह के बाद सचिव निकिता गौड़ ग्राम बिछिया कला स्थित राजकीय बाल गृह (शिशु) एवं राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण पहुँचीं। यहाँ वर्तमान में 16 बच्चे (9 बालक और 7 बालिकाएं) आवासित हैं। सचिव ने प्रबंधक अरविंद को सख्त निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण, टीकाकरण और सुरक्षा में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को एक स्नेहपूर्ण और बेहतर वातावरण प्रदान करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। इस निरीक्षण से विभागीय कर्मचारियों में मुस्तैदी देखी गई।