मछली पकड़ने का शौक है तो हो जाइए सावधान, नियम तोड़ा तो सीधे होगी जेल
चंदौली के सभी जलाशयों और नदियों में प्रजनन करने वाली और छोटी मछलियों को पकड़ने व बेचने पर जिला प्रशासन ने सख्त रोक लगा दी है। ऐसा करने पर मत्स्य अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चंदौली में मत्स्य आखेट प्रतिबंधित
प्रजननशील मछलियों पर सख्त रोक
रसायन से मछली मारना बैन
नियम तोड़ने पर सामान जब्त
उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम लागू
चंदौली जिले के भीतर बहने वाली नदियों, तालाबों और सरकारी जलाशयों में मछली पकड़ने के शौकीनों और इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर है। जिले के डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम 1948 की धाराओं का हवाला देते हुए जिले में तत्काल प्रभाव से मछली मारने, जाल लगाने और छोटी मछलियों को बेचने पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जिले की सीमा में आने वाले उन सभी जलाशयों और नदियों पर लागू होगा जो व्यक्तिगत या धार्मिक नहीं घोषित हैं।
जहर या विस्फोटक से मछली मारने पर पूरी रोक
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति किसी भी नदी या जलाशय में विस्फोटक पदार्थ, खेती की रक्षा में काम आने वाले या व्यावसायिक काम में इस्तेमाल होने वाले किसी भी तरह के विषैले रसायन (जहर) डालकर मछली नहीं मारेगा। न ही कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा। इस तरीके से मछली मारने से पानी और पर्यावरण दोनों को भारी नुकसान पहुंचता है, इसलिए इस पर पूरी तरह से नकेल कसी जाएगी।
इन तारीखों में छोटी और अंडा देने वाली मछलियां पकड़ना बैन
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने अलग-अलग समय के लिए सख्त टाइम-लाइन जारी की है। आदेश के मुताबिक कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं....
1- 15 जून 2026 से 30 जुलाई 2026 तक: कोई भी व्यक्ति अंडा देने वाली (प्रजनशील) मछलियों को न तो पकड़ेगा, न मारेगा और न ही बाजार में बेचेगा।
2- 15 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक: मत्स्य जीरा या अंगुलिका यानी 2 से 10 इंच तक के आकार की छोटी मछलियों को पकड़ने और बेचने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
3- 01 जुलाई से 31 अगस्त तक: शासनादेश के नियमों के तहत विभिन्न श्रेणी के सरकारी जलाशयों में हर तरह का मत्स्य आखेट (मछली पकड़ना) पूरी तरह बंद रहेगा। यह प्रतिबंध केवल उन लोगों के लिए शिथिल होगा जिनके पास मत्स्य विभाग द्वारा जारी वैध लाइसेंस होगा।
पानी का बहाव रोका तो जब्त होगी सामग्री
नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति नदियों या प्राकृतिक जल स्रोतों के स्वाभाविक बहाव को रोकने के लिए कोई बांध, घेरा या अवरोधक नहीं लगाएगा। अक्सर लोग बहाव रोककर छोटी मछलियों को जाल में फंसाते हैं या उन्हें नष्ट करते हैं, जो कि अब कानूनी अपराध है।
अगर कोई ऐसा अवरोधक लगाता हुआ पाया गया, तो उसकी नाव, जाल और अन्य सामग्री तुरंत जब्त कर ली जाएगी। साथ ही पकड़ी गई मछलियां भी प्रशासन अपने कब्जे में ले लेगा। इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम 1948 के तहत मुकदमा दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।