चंदौली की गौशालाओं में बनेंगे 'सिक रूम' और लगेगी नेपियर घास: डीएम ने अफसरों को दी 1 सप्ताह की मोहलत
चंदौली जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जूम मीटिंग के जरिए जिले की गौशालाओं की लाइव समीक्षा की। बीमार गोवंशों के लिए सिक रूम बनाने और 100% टीकाकरण कराने के साथ 1 हफ्ते में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया।
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने की लाइव समीक्षा
बीमार गोवंश के लिए अलग सिक रूम बनेगा
100 प्रतिशत खुरपका-मुंहपका टीकाकरण का आदेश
गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने पर जोर
सभी अधूरे काम पूरा करने को 1 हफ्ता
चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 की शाम जिले में संचालित सभी गौशालाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जूम ऐप के माध्यम से हुई इस वर्चुअल बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई, सभी खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और गौशाला संचालन से जुड़े स्वयंसेवी संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जिलाधिकारी ने सीधे लाइव कैमरे के जरिए गौशालाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
बीमार पशुओं के लिए बनेगा अलग 'सिक रूम'
लाइव निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने शासन की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि गौशालाओं में गोवंश का सही तरीके से वर्गीकरण किया जाए। इसके साथ ही बीमार या कमजोर पशुओं के बेहतर इलाज और देखभाल के लिए परिसर में अलग से 'सिक रूम' (Sick Room) तैयार करने के निर्देश दिए गए।
हरे चारे और शेड की मरम्मत के सख्त निर्देश
डीएम ने पशुओं के खान-पान पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि चरही और पानी की चरनी को दुरुस्त रखा जाए और नांद में नियमित रूप से भूसे के साथ हरा चारा डाला जाए। हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए परिसरों में नेपियर घास और सहजन के पौधे लगाने को कहा गया। बारिश के मौसम को देखते हुए शेड की तत्काल मरम्मत कराने और गौशाला परिसर में जलभराव न होने देने के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए।
टीकाकरण और वर्मी कंपोस्ट से आय बढ़ाने पर जोर
गोबर का सही इस्तेमाल करने और गौशालाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) के उत्पादन को बढ़ावा देने की हिदायत दी गई। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों और पशुधन प्रसार अधिकारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच करने का आदेश दिया गया। साथ ही, खुरपका-मुंहपका (FMD) बीमारी का शत-प्रतिशत टीकाकरण करके डाटा तुरंत पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों और संस्थाओं को 1 हफ्ते का अल्टीमेटम
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और संचालन से जुड़ी संस्थाओं को गौशालाओं के बचे हुए कार्यों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगले सप्ताह होने वाली समीक्षा बैठक तक सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त मिलनी चाहिए, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।