निर्माणाधीन कोर्ट बिल्डिंग को देखने पहुंचे DM चंद्र मोहन गर्ग, देखिए फटकार का ठेकेदारों पर क्या होता है असर
चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सोमवार को निर्माणाधीन न्यायालय भवन का औचक निरीक्षण किया। काम की धीमी रफ्तार देखकर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और मैनपावर बढ़ाकर जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने किया औचक निरीक्षण
काम की धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी
मैनपावर और मशीनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
अदालती कक्ष और जनसुविधाओं का लिया जायजा
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से समझौता न करने की हिदायत
चंदौली जिले के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सोमवार को जनपद में बन रहे नए और निर्माणाधीन न्यायालय भवन का अचानक औचक निरीक्षण किया। डीएम के इस औचक दौरे से मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति का जमीनी स्तर पर विस्तृत जायजा लिया। मौके पर काम की रफ्तार काफी सुस्त मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कड़ी फटकार लगाई।
मैनपावर और मशीनें तत्काल बढ़ाने के सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने निर्माणाधीन अदालती कक्षों, अधिवक्ताओं के बैठने के लिए प्रस्तावित कमरों, न्यायिक अधिकारियों की सुविधाओं और आम वादकारियों के लिए तैयार की जा रही व्यवस्थाओं का बहुत ही बारीकी से मुआयना किया। डीएम ने कार्यदायी संस्था को दो टूक शब्दों में निर्देशित किया कि साइट पर मजदूरों (मैनपावर) और निर्माण में लगी मशीनों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए, ताकि रुके हुए और धीमे चल रहे कार्यों में तेजी लाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तय समय-सीमा के भीतर ही हर हाल में निर्माण कार्य को पूरा करना होगा।
सामग्री की गुणवत्ता से नहीं होगा कोई समझौता
जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कोर्ट बिल्डिंग के निर्माण में लगने वाली सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि नई बिल्डिंग में शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, वाहनों की पार्किंग, भव्य प्रतीक्षालय और लोगों के बैठने की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इन बुनियादी सुविधाओं को इस तरह तैयार किया जाए कि भविष्य में यहाँ आने वाले अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और आम वादकारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
लापरवाही मिलने पर होगी सीधी कार्रवाई
भवन के साथ-साथ पर्यावरण का ध्यान रखने पर जोर देते हुए डीएम ने पूरे न्यायालय परिसर में हरियाली विकसित करने, स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे नियमित रूप से इस निर्माण कार्य का भौतिक निरीक्षण करें और प्रगति की समीक्षा रिपोर्ट सौंपें। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जल्द से जल्द मिले आधुनिक सुविधाओं का लाभ
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि जिले के अधिवक्ताओं और वादकारियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए न्यायालय भवन का लाभ समय पर मिल सके, यही प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए इस काम को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर होने वाला अनावश्यक विलंब (देरी) बेहद गंभीर माना जाएगा और इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।