चंदौली किसान दिवस: धान की रोपाई से पहले खराब नलकूपों को युद्धस्तर पर ठीक करने और टेल तक पानी पहुंचाने का निर्देश
चंदौली कलेक्ट्रेट में डीएम चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में 'किसान दिवस' का आयोजन हुआ। बैठक में बिजली, नहर सफाई और खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए अफसरों को समय सीमा के भीतर काम करने के कड़े निर्देश दिए गए।
कलेक्ट्रेट सभागार में 'किसान दिवस' का आयोजन हुआ
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
खराब ट्रांसफार्मर 24 से 48 घंटे में बदलने के निर्देश
बंद पड़े नलकूपों को युद्धस्तर पर ठीक कराया जाएगा
नहरों के अंतिम छोर (टेल) तक पहुंचेगा सिंचाई का पानी
चंदौली जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार, 17 जून 2026 को जिलाधिकारी (DM) चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में 'किसान दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के दूर-दराज इलाकों से आए अन्नदाताओं की समस्याओं को सीधे तौर पर सुनना और मौके पर ही मौजूद सम्बन्धित अधिकारियों के जरिए उनका तुरंत हल निकालना रहा।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गिरेगी गाज
आयोजित 'किसान दिवस' में किसानों की पुरानी और नई समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी का रुख बेहद कड़ा और सख्त नजर आया। उन्होंने बैठक में मौजूद विभिन्न सरकारी विभागों के उच्चाधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी। डीएम ने साफ लहजे में कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की देरी या अपारदर्शिता नहीं चलेगी। अगर किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए औचक निरीक्षण
धान की नर्सरी के मौजूदा सीजन को देखते हुए जिलाधिकारी ने किसानों को उन्नत किस्म के बीजों और खाद की समय से उपलब्धता सुनिश्चित कराने की बात कही। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे निजी खाद-बीज दुकानों और सहकारी समितियों का लगातार औचक निरीक्षण करें ताकि कोई भी दुकानदार या समिति किसानों से तय दाम से ज्यादा न वसूल सके। सभी सहकारी समितियों पर यूरिया और डीएपी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर बदलने की समय सीमा तय
ग्रामीण इलाकों में खेती के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए बिजली विभाग को सख्त हिदायत दी गई है। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर के अनुसार पूरी बिजली दी जाए। इसके साथ ही, सिंचाई के इस महत्वपूर्ण समय में अगर किसी गांव का बिजली ट्रांसफार्मर जल जाता है, तो उसे तय समय सीमा यानी 24 से 48 घंटे के भीतर हर हाल में बदल दिया जाए ताकि किसानों की फसल पानी के बिना न सूखे।
नहरों के अंतिम छोर यानी टेल तक पहुंचेगा पानी
सिंचाई विभाग, चंद्रप्रभा और मूसाखांड नहरों की सिल्ट की सफाई की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तीखे निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि चंद्रप्रभा, मूसाखांड और अन्य बांधों या नदियों से जुड़ी सभी नहरों के टेल तक पानी हर हाल में पहुंचना चाहिए, ताकि आखिरी गांव के किसान को भी अपनी नर्सरी और फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। इसमें किसी भी तरह का बहाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नहरों में गिरते सीवर के पानी और अतिक्रमण पर लगाई क्लास
बैठक के दौरान जिले के प्रगतिशील किसानों ने मुख्य रूप से नहरों में गिर रहे सीवर के गंदे पानी और नहर की पटरियों पर हो रहे अवैध अतिक्रमण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। इस गंभीर शिकायत को सुनते ही जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राजस्व विभाग के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने इन तीनों विभागों को संयुक्त रूप से काम करते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण हटाने का जिम्मा सौंपा।
सड़कों पर निर्माण सामग्री रखने वालों पर होगा एक्शन
सड़क सुरक्षा को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। ग्रामीण व शहरी इलाकों में सड़कों पर गिट्टी, बालू या अन्य निर्माण सामग्री रखकर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन अब सख्त एक्शन लेने जा रहा है। डीएम ने लोक निर्माण विभाग (PWD), स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीमों को निर्देश दिया है कि जो लोग इस तरह सड़कों पर सामान रखकर दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
बंद पड़े सरकारी नलकूपों की मांगी ब्लॉकवार सूची
धान की रोपाई के चालू सीजन को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में जितने भी चालू या किसी तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े ट्यूबवेल (नलकूप) और पंप हैं, उनकी ब्लॉकवार पूरी लिस्ट तत्काल उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने कहा कि खराबी की वजह जानकर इन बंद पड़े नलकूपों को युद्धस्तर पर ठीक कराया जाए, क्योंकि इस समय धान की फसल के लिए पानी सबसे जरूरी है।
डीजल की किल्लत दूर करने के लिए तुरंत उठाए कदम
खेती-किसानी के इस व्यस्त सीजन में ट्रैक्टरों और पंपिंग सेटों के लिए किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल न मिलने की शिकायत भी सामने आई। इस समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को आपस में बैठक कर तेल कंपनियों से तालमेल बिठाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि पेट्रोल पंपों पर किसानों के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं ताकि उन्हें कोई किल्लत न हो।
किसान दिवस के इस महत्वपूर्ण मौके पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आर जगत साई, उपनिदेशक कृषि भीमसेन, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, एआर कोआपरेटिव विपिन कुमार सिंह और डिप्टी आरएमओ राघवेंद्र सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा अधिशासी अभियंता (विद्युत, जल निगम, चंद्रप्रभा, मूसाखांड, पीडब्लूडी प्रांतीय खंड), जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और जिले के भारी संख्या में प्रगतिशील व जागरूक किसान मौजूद रहे।