'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की तारीफ, जिलाधिकारी ने गिनाईं महिला आरक्षण कानून की खूबियां
चंदौली के जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता कर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया।
जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की प्रेस वार्ता
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक
नीति-निर्माण में महिलाओं की बढ़ेगी सक्रिय भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जताया आभार
महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं पर चर्चा
चंदौली जिले के जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण कानून) के लागू होने के ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी जनता तक पहुँचाना और इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा करना था। जिलाधिकारी ने इस अधिनियम को भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में महिलाओं के लिए एक स्वर्ण युग की शुरुआत बताया।
नीति-निर्माण में बढ़ेगी महिलाओं की हिस्सेदारी
प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्माण और देश की सर्वोच्च विधायी संस्थाओं (संसद और विधानसभाओं) में समान भागीदारी सुनिश्चित करने वाला एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दशकों से लंबित इस अधिकार को साकार करके केंद्र सरकार ने मातृशक्ति को निर्णय लेने की प्रक्रिया में वास्तविक रूप से सशक्त बनाया है। जिलाधिकारी ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
आत्मनिर्भर नारी, सशक्त राष्ट्र
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित महिलाओं से जुड़ी अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 'मिशन शक्ति' से लेकर उज्ज्वला और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 'नारी शक्ति' को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है।
अधिनियम के लाभों का व्यापक प्रचार
जिलाधिकारी ने मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस अधिनियम की बारीकियों और इससे मिलने वाले अधिकारों के बारे में समाज के अंतिम पायदान पर बैठी महिलाओं तक जानकारी पहुँचाई जाए। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं जागरूक होंगी, तभी इस कानून का उद्देश्य पूर्ण रूप से सफल होगा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस प्रेसवार्ता में जनपद के विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार और सूचना विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।