अब कप्तान की तरह रोज खुद जनसुनवाई करेंगे डीएम चंद्रमोहन गर्ग? फरियादियों के लिए खुला कलेक्ट्रेट का दरवाजा

 

चंदौली के जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने खुद कलेक्ट्रेट में बैठकर आम जनता की फरियाद सुनी। कई दिनों बाद सूचना विभाग से जारी इस जानकारी के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अब डीएम साहब रोज खुद जनता से सीधे संवाद करेंगे। पूरी खबर पढ़ें।

 
 

जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने खुद सुनीं जनसमस्याएं

पुलिस कप्तान की तर्ज पर रोज जनसुनवाई के कयास

राजस्व, बिजली और भूमि विवाद की आईं शिकायतें

शिकायतों के निस्तारण में औपचारिकता न बरतने के निर्देश

कई दिनों बाद सूचना विभाग ने जारी की सरकारी विज्ञप्ति

चंदौली जिले के प्रशासनिक हलकों से आम जनता के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। ऐसा संकेत मिल रहा है कि अब जिले के पुलिस कप्तान की तरह ही जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग भी हर रोज खुद फरियादियों से सीधे मुलाकात करेंगे। कई दिनों के लंबे इंतजार के बाद आज सूचना विभाग द्वारा जारी की गई सरकारी विज्ञप्ति से इस बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से अब लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की जा रही है कि जिलाधिकारी कार्यालय जाने पर उन्हें सीधे डीएम साहब ही मिलेंगे।

निराश होकर लौटने वाले दिनों का होगा अंत
आमतौर पर कलेक्ट्रेट आने वाले नागरिकों को अक्सर यह शिकायत रहती थी कि उन्हें अपनी दरखास्त या फरियाद लेकर डीएम साहब से मिलने का मौका नहीं मिलता था। उनकी जगह कोई और कर्मचारी या अन्य अधिकारी शिकायतों को निपटाता दिखता था, जिससे दूर-दराज से आए लोग मायूस होकर लौट जाते थे। लेकिन अब शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने खुद कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने कतार में खड़े फरियादियों की शिकायतें बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं।

राजस्व से लेकर भूमि विवाद तक के आए मामले
इस जनसुनवाई के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष विस्तार से रखा। जनता दरबार में मुख्य रूप से राजस्व, बिजली विभाग, सरकारी पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना, भूमि विवाद और अवैध अतिक्रमण से संबंधित गंभीर शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने हर एक पीड़ित की बात को ध्यानपूर्वक सुना और उनसे जुड़े दस्तावेजों का खुद अवलोकन किया।

केवल कागजी औपचारिकता नहीं चलेगी
मामलों को सुनने के बाद डीएम चंद्रमोहन गर्ग ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने अफसरों को आगाह किया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल कागजी औपचारिकता न बरती जाए, बल्कि हर एक प्रकरण की स्थलीय जांच (ग्राउंड वेरिफिकेशन) कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और तथ्यों के आधार पर ही उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।