चंदौली में 1 जुलाई से शुरू होगा संचारी रोग नियंत्रण अभियान, डीएम बोले- लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान की बैठक हुई। 1 से 31 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को पूरी मुस्तैदी से जुटने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्ट्रेट में टास्क फोर्स की बैठक
जुलाई भर चलेगा विशेष अभियान
आशा-आंगनबाड़ी की टीमें संभालेंगी मोर्चा
घर-घर जाकर बनेगी आभा आईडी
स्वास्थ्य विभाग बना नोडल विभाग
चंदौली के कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार 23 जून 2026 को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने इस अभियान में शामिल सभी सरकारी विभागों को आपस में बेहतर तालमेल बिठाते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है।
लापरवाही करने वालों की खैर नहीं
डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि इस जनहित के कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पिछले साल के सफल आयोजनों का हवाला देते हुए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इस बार भी सहयोग करने और जुलाई माह के इस कार्यक्रम को शत-प्रतिशत कामयाब बनाने के लिए कहा। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साईं ने सभी विभागों के कामों की रूपरेखा सामने रखी और अफसरों को पूरी जिम्मेदारी से काम करने की हिदायत दी।
1901 टीमें घर-घर जाकर करेंगी सर्वे
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने बैठक में बताया कि इस बार जिले में कुल 1,901 आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलाकर दो-सदस्यीय टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें तैयार माइक्रोप्लान के मुताबिक गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों (जैसे दिमागी बुखार, मलेरिया, डेंगू) से बचाव के तरीके बताएंगी। इसके साथ ही टीमें बुखार, दस्त (डायरिया), क्षय रोग (टीबी) और कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनकी एक विस्तृत लिस्ट तैयार करेंगी।
मच्छरों का खात्मा और आभा आईडी बनाना जरूरी
इस बार अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग नोडल विभाग के रूप में काम करेगा। घर-घर जाने वाली टीमें न सिर्फ लोगों को जागरूक करेंगी, बल्कि सभी सदस्यों का 'आभा आईडी' (ABHA ID) नंबर बनाकर उन्हें सौंपेंगी। इसके अलावा, गांवों में मच्छरों के पनपने वाले स्रोतों को नष्ट कराया जाएगा। स्कूली छात्रों को जागरूक करने के लिए बैनर, पोस्टर, पंपलेट और स्टिकर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही किसी जानवर या पशु के काटने पर किए जाने वाले प्राथमिक उपचार का प्रदर्शन भी कर उन्हें सिखाया जाएगा।
बैठक में सभी स्वास्थ्य अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जिले के स्वास्थ्य महकमे के तमाम बड़े चेहरे मौजूद रहे, जिनमें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी और समस्त मलेरिया स्टाफ मुख्य रूप से शामिल थे। सभी ने एक सुर में अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।