बरसात के पहले ऐसा है DM का 'एक्शन प्लान', 15 जून तक टेंडर प्रक्रिया और ड्रेनेज सफाई के निर्देश
चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट में स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक कर वर्ष 2026-27 के लिए बाढ़ प्रबंधन योजना की समीक्षा की। उन्होंने संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत और जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सफाई को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है।
15 जून से पहले बाढ़ राहत टेंडर पूर्ण करने के निर्देश
चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी के संवेदनशील तटबंधों की निगरानी
ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रेनेज और सिल्ट सफाई पर विशेष जोर
मनरेगा के माध्यम से कराई जाएगी नालों की सफाई
बाढ़ राहत कार्यों की गुणवत्ता और मानक का होगा सत्यापन
चंदौली जिले में आगामी मानसून सत्र के दौरान संभावित बाढ़ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में स्टीयरिंग ग्रुप की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग (चंद्रप्रभा) के अधिशासी अभियंता से जनपद के अतिसंवेदनशील और संवेदनशील तटबंधों जैसे चंद्रप्रभा, गढ़ई नदी, गुरैनी और भोका बंधी की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले वर्षों में प्रभावित हुए ग्रामों और कमजोर तटबंधों का पूर्व-मानसून निरीक्षण कर मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए।
ड्रेनेज सफाई और गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी विभागों को उनके दायित्वों का बोध कराया। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के ड्रेनेज और नालों की सिल्ट सफाई मानसून आने से पहले ही करा ली जाए ताकि जलभराव (वाटर लॉगिंग) की समस्या न पैदा हो। जिलाधिकारी ने इस कार्य के सत्यापन के निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नाला सफाई के कार्यों में मनरेगा का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बाढ़ बचाव के लिए किए जा रहे किसी भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा और सभी कार्य मानक के अनुरूप होने चाहिए।
समयबद्ध टेंडर और आवश्यक वस्तुओं की खरीद
बाढ़ के दौरान राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए डीएम ने सभी संबंधित विभागों (खाद्य, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत, पीडब्ल्यूडी आदि) को निर्देशित किया कि आवश्यक वस्तुओं के क्रय हेतु टेंडर की प्रक्रिया 15 जून 2026 से पूर्व हर हाल में पूरी कर ली जाए। स्वास्थ्य विभाग को दवाओं का स्टॉक और पशुपालन विभाग को चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर, सीएमओ और अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में डीएम ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन एक सामूहिक जिम्मेदारी है। लोक निर्माण विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों को दुरुस्त रखने और विद्युत विभाग को सुरक्षित आपूर्ति के निर्देश दिए गए। बैठक में तहसीलदारों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी की इस सक्रियता से जनपद में बाढ़ बचाव की तैयारियों ने गति पकड़ ली है।