चंदौली डीएम ने धूरीकोट में खुद की गेहूं की क्रॉप कटिंग,  परखी जिले में गेहूं की पैदावार

 

चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने तहसील सदर के धूरीकोट गांव में गेहूं की क्रॉप कटिंग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्रति हेक्टेयर उत्पादकता का आकलन किया गया और किसानों को फसल बीमा व सरकारी क्रय केंद्रों के लाभ समझाए गए।

 
 

जिलाधिकारी ने किया गेहूं क्रॉप कटिंग निरीक्षण

प्रति हेक्टेयर 34.29 क्विंटल उत्पादकता का अनुमान

सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बेचने की अपील

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हेतु आंकड़ों का महत्व

धूरीकोट में 14.850 किलो मिला गेहूं का उत्पादन

चंदौली जिले के किसानों की मेहनत और फसल की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने तहसील सदर के राजस्व ग्राम धूरीकोट पहुंचकर गेहूं की क्रॉप कटिंग प्रक्रिया का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने स्वयं उपस्थित रहकर गेहूं की कटाई कराई और उत्पादकता के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

उत्पादकता का सटीक आकलन
निरीक्षण के दौरान धूरीकोट निवासी किसान राजेंद्र सिंह के खेत (गाटा संख्या-44) को प्रयोग के लिए चुना गया। वहां 43.33 वर्ग मीटर के समबाहु त्रिभुज (10x10x10 मीटर) क्षेत्र में क्रॉप कटिंग कराई गई। कटाई के बाद गेहूं की तौल कराई गई, जिसमें कुल 14.850 किलोग्राम उत्पादन प्राप्त हुआ। इस परिणाम के आधार पर जिले में औसत 34.29 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादकता का अनुमान लगाया गया है।

किसानों से संवाद और अपील
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधा संवाद किया और उनसे आग्रह किया कि वे अपनी उपज को बिचौलियों के बजाय सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर ही बेचें, ताकि उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत यदि किसी आपदा से फसल को नुकसान होता है, तो उसका मुआवजा इन्हीं क्रॉप कटिंग आंकड़ों के आधार पर तय किया जाता है।

इस अवसर पर सदर तहसीलदार चंद्रगुप्त सागर, अपर सांख्यिकीय अधिकारी संदीप पटेल, लेखपाल आदित्य और एसबीआई के जिला समन्वयक मनोज कुमार सहित कृषि विभाग के कर्मचारी व स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।