चंदौली DM का ताबड़तोड़ एक्शन : PDDU नगर तहसीलदार और नायब तहसीलदार सहित कई पर कार्रवाई, शो-काज नोटिस भी जारी
चंदौली कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कर-करेत्तर की मासिक समीक्षा बैठक की। न्यायिक कार्यों में ढिलाई पर तहसीलदार का वेतन रोकते हुए उन्होंने मंडी और परिवहन विभाग को राजस्व लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।
पीडीडीयू नगर तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर गाज
न्यायिक वादों के निस्तारण में शिथिलता पर वेतन रोका
मंडी शुल्क की कम वसूली पर जिलाधिकारी की नाराजगी
पीएम आवास (शहरी) के अधूरे कार्यों पर वसूली के निर्देश
राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रवर्तन कार्यों में तेजी की हिदायत
चंदौली जिले के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर, राजस्व संग्रह और प्रवर्तन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान जिलाधिकारी का सख्त तेवर देखने को मिला। उन्होंने न केवल राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए, बल्कि न्यायिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के आदेश भी जारी किए।
न्यायिक कार्यों में ढिलाई पर बड़ी कार्रवाई
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) नगर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार द्वारा लंबित न्यायिक वादों के निस्तारण में काफी शिथिलता बरती जा रही है। मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने पर गहरी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार का वेतन रोकने का निर्देश दिया। साथ ही, दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (शो-काज नोटिस) जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है।
राजस्व वसूली में सुधार के सख्त निर्देश
बैठक में आबकारी, परिवहन, खनन, स्टाम्प और मंडी शुल्क की वसूली पर विस्तार से चर्चा हुई। मंडी शुल्क की कम वसूली पर जिलाधिकारी ने मंडी सचिव की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करें। प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाते हुए अवैध खनन और परिवहन पर भी लगाम लगाने की हिदायत दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी राजस्व में किसी भी प्रकार की गिरावट स्वीकार नहीं की जाएगी।
पीएम आवास और डाटा फीडिंग पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधूरे पड़े मकानों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो लाभार्थी निर्माण कार्य शुरू नहीं कर रहे हैं, उनसे नियमानुसार वसूली सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों (SDM) को निर्देश दिया कि वे अपने न्यायालयों में लंबित वादों का त्वरित निस्तारण करें। तकनीकी पारदर्शिता के लिए अधिकारियों को स्वयं डाटा फीडिंग की निगरानी करने को कहा गया है ताकि किसी भी स्तर पर त्रुटि की संभावना न रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, एडीएम न्यायिक रतन वर्मा, उप निदेशक कृषि भीमसेन और सहायक संभागीय अधिकारी सर्वेश गौतम सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।