समितियों पर किसी भी कीमत पर कम नहीं होनी चाहिए खाद, कालाबाजारी करने वालों पर दर्ज होगी FIR

 

चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कलेक्ट्रेट में बड़ी बैठक की। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी सहकारी समितियों पर खाद का स्टॉक बना रहे और नहरों के आखिरी छोर तक पानी पहुंचे ताकि किसानों को कोई दिक्कत न हो।

 
 

चंदौली कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक बैठक

समितियों पर खाद की उपलब्धता अनिवार्य

नहरों के टेल तक पहुंचे पानी

कालाबाजारी पर सख्त कानूनी कार्रवाई

रोस्टर बनाकर पानी भेजने के निर्देश

चंदौली जिले के किसानों को खेती-किसानी के सीजन में राहत देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्ट्रेट कक्ष में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में खाद की उपलब्धता, सही वितरण और सिंचाई व्यवस्था को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। 

बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों को समय पर खाद देने और नहरों के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि किसानों से जुड़ी किसी भी समस्या में लापरवाही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समितियों पर खाद न हो खत्म, रोज मिलेगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले की सभी सहकारी समितियों पर खाद की मौजूदगी की हर दिन की रिपोर्ट पेश की जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी दिन और किसी भी समिति पर खाद की उपलब्धता 'शून्य' नहीं होनी चाहिए। किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से यूरिया और डीएपी जैसी खाद लगातार मिलती रहे, यह प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। दोनों विभागों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने को कहा गया है ताकि पूरे जनपद में वितरण का काम शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से हो सके।

कालाबाजारी और ओवररेटिंग करने वालों पर नकेल
सरकारी समितियों के साथ-साथ जिलाधिकारी ने प्राइवेट खाद दुकानदारों पर भी शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है। उन्होंने कृषि विभाग को साफ निर्देश दिए हैं कि अगर कोई भी निजी दुकानदार खाद की कालाबाजारी करता है, तय दाम से ज्यादा वसूलता है (ओवररेटिंग) या जानबूझकर किल्लत पैदा करता है, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक बना रहे, इसके लिए समय से शासन को डिमांड भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नहरों के टेल तक पहुंचे पानी, बनेगा रोस्टर
खाद के साथ-साथ जिलाधिकारी ने सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों को हिदायत दी कि गर्मी और फसलों की जरूरत को देखते हुए नहरों में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए।

अधिकारी जरूरत के हिसाब से सही रोस्टर तैयार करें और पानी छोड़ें। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि नहरों का पानी केवल शुरुआत में न रहे, बल्कि वह नहरों के आखिरी छोर (टेल) तक जरूर पहुंचे, जिससे अंतिम कतार में खड़े किसान को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।