भारत माला प्रोजेक्ट में श्रमिक की संदिग्ध मौत पर DM ने नहीं भेजी रिपोर्ट तो मानवाधिकार आयोग ने किया तलब
भारत माला परियोजना प्लांट में हाईवा चालक अशोक पांडेय की संदिग्ध मौत के मामले में रिपोर्ट न सौंपने पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने चन्दौली डीएम को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। आयोग ने 23 अप्रैल की तिथि निर्धारित की है।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने डीएम को तलब किया
23 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेशी का आदेश
हाईवा चालक अशोक पांडेय की संदिग्ध मौत का मामला
5 मार्च तक रिपोर्ट न देने पर आयोग सख्त
अधिवक्ता खालिद वकार आबिद की शिकायत पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने चन्दौली जनपद के शहाबगंज थाना क्षेत्र में हुई एक श्रमिक की संदिग्ध मौत के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर आयोग ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि जिलाधिकारी आगामी 23 अप्रैल को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर मामले की रिपोर्ट पेश करें।
क्या है पूरा मामला?
मामला शहाबगंज थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव का है, जहाँ भारत माला परियोजना के प्लांट परिसर में गत 7 जनवरी को एक हाईवा चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अशोक कुमार पांडेय के रूप में हुई थी, जो मूल रूप से बिहार के सीवान जनपद (घूरघाट) के निवासी थे। अशोक की लाश प्लांट परिसर में फंदे से लटकती हुई पाई गई थी, जिसे लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए थे।
अधिवक्ता की शिकायत पर आयोग का संज्ञान
इस मामले को लेकर अधिवक्ता खालिद वकार आबिद ने 12 जनवरी को राज्य मानवाधिकार आयोग में विधिवत शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में तर्क दिया कि कार्यस्थल पर एक प्रवासी श्रमिक की संदिग्ध मौत परियोजना प्रबंधन, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाती है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने के साथ-साथ मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की भी मांग की थी।
रिपोर्ट देने में देरी पर आयोग हुआ सख्त
आयोग ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद जिलाधिकारी चन्दौली को निर्देश दिया था कि वे शिकायतकर्ता को जांच प्रक्रिया में शामिल करें और 5 मार्च तक अपनी विस्तृत आख्या आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन की ओर से कोई रिपोर्ट पेश नहीं की गई। इसे आदेश की अवहेलना मानते हुए आयोग ने अब जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का फरमान सुनाया है।
आयुक्त वाराणसी मंडल को दिए निर्देश
मानवाधिकार आयोग ने इस आदेश के प्रभावी पालन के लिए आयुक्त वाराणसी मंडल को भी निर्देशित किया है कि वे इस आदेश की प्रति जिलाधिकारी को भेजकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। इस घटना के बाद से जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। अब सभी की निगाहें 23 अप्रैल को होने वाली पेशी पर टिकी हैं, जहाँ डीएम को इस संदिग्ध मौत और रिपोर्ट में हुई देरी का स्पष्टीकरण देना होगा।