UP बोर्ड परीक्षा 2026: चंदौली में नकलचियों की खैर नहीं, DM चेक किए डबल लॉक अलमारी से लेकर CCTV

 

चंदौली में 18 फरवरी से शुरू हो रही यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कमान संभाल ली है। रेवसा आईटीआई में हुई हाई-लेवल बैठक में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को शुचितापूर्ण और नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।

 
 

18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी बोर्ड परीक्षाएं

स्टेटिक मजिस्ट्रेट की अभिरक्षा में रहेगी स्ट्रांग रूम की चाबी

प्रश्न पत्र खोलने की पूरी प्रक्रिया होगी CCTV की निगरानी में

स्ट्रांग रूम के भीतर मोबाइल ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित

चंदौली जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (प्रयागराज) द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं आगामी 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। 12 मार्च तक चलने वाली इस महापरीक्षा को पूरी तरह शुचितापूर्ण, शांतिपूर्ण और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए चंदौली जिला प्रशासन ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने रेवसा आईटीआई सभागार में सभी स्टेटिक मजिस्ट्रेटों, केंद्र व्यवस्थापकों और संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर सुरक्षा और प्रबंधन के मानकों को स्पष्ट किया।

दो पालियों में होगी परीक्षा, CCTV से होगी निगरानी
जनपद में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। प्रथम पाली सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट व्यक्तिगत रूप से परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रश्न पत्रों के सीलबंद पैकेट केंद्र व्यवस्थापक, वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की संयुक्त मौजूदगी में प्राप्त किए जाएंगे।

स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए 'डबल लॉक' फॉर्मूला
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को अभेद्य बनाया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि स्ट्रांग रूम के दरवाजे की चाबी स्टेटिक मजिस्ट्रेट अपनी अभिरक्षा में रखेंगे। इसके भीतर रखी डबल लॉक अलमारी की चाभियां अलग-अलग अधिकारियों के पास होंगी—एक चाबी केंद्र व्यवस्थापक के पास और दूसरी वाह्य केंद्र व्यवस्थापक के पास रहेगी। किसी भी आपात स्थिति के लिए एक डुप्लीकेट चाबी स्टेटिक मजिस्ट्रेट के पास सुरक्षित रहेगी, जिसका उपयोग करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक को तत्काल रिपोर्ट देनी होगी।

लॉग बुक का रखरखाव और मोबाइल पर प्रतिबंध
प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'लॉग बुक' सिस्टम को अनिवार्य किया है। स्ट्रांग रूम को प्रत्येक बार खोलने और बंद करने का समय, कारण और उपस्थित अधिकारियों का विवरण लॉग बुक में दर्ज किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि स्ट्रांग रूम के भीतर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का मोबाइल फोन के साथ प्रवेश पूरी तरह वर्जित होगा। प्रश्न पत्र निकालने और पैकेट खोलने की पूरी गतिविधि सीसीटीवी कैमरों के सामने होगी और उस समय किसी भी गवाह के पास एंड्राइड फोन नहीं होना चाहिए।

समय प्रबंधन और रिपोर्टिंग के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले केंद्र पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रतिदिन और प्रत्येक पाली की विस्तृत रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को भेजी जाएगी। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों से बोर्ड के निर्देशों की बारीकियों पर सवाल पूछे और तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक सहित जनपद के तमाम शिक्षा अधिकारी और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।