चंदौली में खाद दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी: 5 विक्रेताओं को नोटिस, 10 सैंपल लिए गए
चंदौली में जिला प्रशासन ने उर्वरक की दुकानों पर औचक छापेमारी की। 10 नमूने भरे गए और 5 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया। जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को पर्याप्त खाद होने का भरोसा दिलाया है।
चंदौली में उर्वरक दुकानों पर छापेमारी
5 खाद विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस
जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध
खाद खरीदने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य
ओवररेटिंग पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
उत्तर प्रदेश शासन के अपर प्रमुख सचिव के निर्देशों और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के आदेश पर शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 को चंदौली में उर्वरक बिक्री केंद्रों पर अचानक छापेमारी की गई। शासन के सख्त रुख को देखते हुए गठित संयुक्त टीमों ने जिले भर में तहसीलवार दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 10 सैंपल भरे गए और मिली कमियों के आधार पर 5 खाद विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इन दुकानों पर मिलीं कमियां, मांगा गया स्पष्टीकरण
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने 'मे० गुप्ता खाद भण्डार' (कन्दवा) में वितरण रजिस्टर अधूरा पाने और रेट बोर्ड न लगा होने पर नोटिस जारी किया। वहीं 'मे० प्रकाश खाद भण्डार' (तलाशपुर), 'मे० श्रीराम फर्टिलाइजर' (कन्दवां) और 'मे० आलोक उर्वरक केन्द्र' (कन्दवा) की दुकानें बंद पाए जाने पर जवाब तलब किया गया है। इसके अलावा चकिया और नौगढ़ में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (ग्रुप-ए) डॉ० पूजा त्रिपाठी द्वारा की गई जांच में 'मे० रिशु कृषि केन्द्र' पर रेट बोर्ड व रजिस्टर अपडेट न मिलने पर नोटिस दिया गया।
जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में जिले में 19,545 मीट्रिक टन यूरिया, 5,088 मीट्रिक टन डी०ए०पी०, 372 मीट्रिक टन एम०ओ०पी०, 3,992 मीट्रिक टन एन०पी०के० और 13,507 मीट्रिक टन एस०एस०पी० पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी में न आएं।
खाद खरीदने के लिए फार्मर आईडी जरूरी
कृषि अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय अपनी फार्मर आईडी जरूर साथ लाएं। आईडी न होने की स्थिति में प्रमाणित खतौनी दिखाकर खाद ली जा सकती है। जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे इसे जल्द से जल्द बनवा लें। साथ ही सभी विक्रेताओं को लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक और वितरण रजिस्टर अपडेट रखकर तय रेट पर ही खाद बेचने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
धांधली पर होगी जेल और एफआईआर
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी विक्रेता द्वारा तय कीमत से ज्यादा दाम वसूलने (ओवररेटिंग) या किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत साक्ष्य के साथ मिलती है, तो उसके खिलाफ 'उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985' और 'आवश्यक वस्तु अधिनियम (3/7)' के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।