चंदौली में वित्तीय साक्षरता सप्ताह :  मद्दूपुर में ग्रामीणों को सिखाए गए सुरक्षित बैंकिंग के गुर, साइबर फ्रॉड पर वार

 

चंदौली के मद्दूपुर में वित्तीय साक्षरता सप्ताह 2026 के तहत ग्रामीणों को सुरक्षित बैंकिंग और केवाईसी के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। आरबीआई की इस पहल का उद्देश्य धोखाधड़ी से बचाव और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है।

 
 

09 से 13 फरवरी तक वित्तीय साक्षरता सप्ताह का आयोजन

केवाईसी: सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम है मुख्य विषय

मद्दूपुर में 60 ग्रामीणों ने ली वित्तीय प्रबंधन की जानकारी

साइबर फ्रॉड और मनी म्यूल से बचने की दी गई सलाह

पीएम युवा उद्यमी और जन सुरक्षा योजनाओं के हुए आवेदन

वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तत्वाधान में पूरे देश के साथ-साथ चंदौली जिले में भी 'वित्तीय साक्षरता सप्ताह (FLW) 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 09 फरवरी से 13 फरवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को सुरक्षित बैंकिंग और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को जनपद के ग्राम मद्दूपुर में एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम
इस वर्ष के वित्तीय साक्षरता सप्ताह का मुख्य विषय (Theme) “केवाईसी – सुरक्षित बैंकिंग की ओर पहला कदम” रखा गया है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि आरबीआई गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने इस अभियान की शुरुआत की है ताकि जनता को पुनः केवाईसी (Re-KYC), सेंट्रल केवाईसी (CKYC) और सुरक्षित बैंकिंग प्रणालियों से जोड़ा जा सके। ग्रामीणों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध मैसेज या लिंक पर क्लिक न करें, ताकि वे 'मनी म्यूल' (Money Mule) बनने या साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकें।

वित्तीय कल्याण के पांच मूल मंत्र
मद्दूपुर में आयोजित कार्यक्रम में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री सुनील कुमार भगत और अग्रणी जिला अधिकारी दिशांत चंद्रयान ने वित्तीय साक्षरता के पांच प्रमुख सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को कमाना, खर्च करना, उधार लेना, बचत व निवेश करना और अपनी संपत्ति की सुरक्षा करना सिखाया। अधिकारियों ने जोर दिया कि ऋण, बजट और निवेश की सही समझ ही जीवन भर धन निर्माण की आधारशिला है। इस दौरान ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं, जमा के प्रकार और बीमा योजनाओं की भी जानकारी दी गई।

मौके पर हुए आवेदन और सरकारी योजनाओं का लाभ
कैंप के दौरान न केवल जानकारी दी गई, बल्कि जनहित में मौके पर ही कार्य भी किए गए। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री विजेंद्र कुमार और आरसेठी निर्देशिका श्रीमती स्मृति की उपस्थिति में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लिए नए आवेदन प्राप्त किए गए। साथ ही, कई ग्रामीणों का जन सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत एनरोलमेंट भी किया गया। इस अवसर पर अग्रणी जिला कार्यालय की पूरी टीम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते का दुरुपयोग न होने दें और सुरक्षित बैंकिंग के इस संदेश को हर घर तक पहुंचाएं।