चंदौली पर मंडराया बाढ़ का बड़ा खतरा: चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा, कभी भी छोड़ा जा सकता है पानी
चंदौली में बाढ़ का खतरा मंडराया
चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बड़े दावे
चकिया शहाबगंज में जलभराव की आशंका
चंदौली जिले के कई इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नालों, नदियों और ड्रेनों की समय पर सफाई न होने का खामियाजा एक बार फिर यहां के किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को भुगतना पड़ सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी और नेता सिर्फ बड़े-बड़े आश्वासन दे रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सिंचाई विभाग के ताजा फरमान ने प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
तेजी से बढ़ रहा है चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर
सहायक अभियंता, उपखण्ड-चकिया द्वारा जारी सूचना के अनुसार चंद्रप्रभा बांध का गेज तेजी से बढ़कर शाम 5:00 बजे तक 766.7 फीट पहुंच गया है, जो सुबह 7:00 बजे मात्र 760.6 फीट था। बांध के कैचमेंट एरिया में लगातार भारी बारिश हो रही है और बंजरिया रेगुलेटर से भी लगातार पानी आ रहा है। रेगुलेशन आदेश के तहत 15 सितंबर 2026 तक बांध का जलस्तर 771.00 फीट तक भरा जाना है, जिसके चलते आज रात तक ही यह स्तर पूरा होने और फ्लड गेट खोलने की नौबत आ सकती है।
इन इलाकों में पैदा हो सकती है जलभराव की स्थिति
सिंचाई विभाग के मुताबिक बांध का पानी मुजफ्फरपुर वियर से होते हुए चंद्रप्रभा नदी में छोड़ा जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए चकिया, शहाबगंज और बबुरी इलाके के कई गांवों में भारी जलभराव का संकट पैदा हो सकता है। प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, लेकिन लोगों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि अधिकारी स्थिति को पहले से भांपने में नाकाम रहे हैं।
डीएम के दौरे के 24 घंटे के भीतर बिगड़े हालात
आपको बता दें कि इससे पहले जिले में लगातार हुई बारिश और बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग खुद बबुरी क्षेत्र पहुंचे थे। उन्होंने चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी का निरीक्षण किया था। उस दौरान सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता और अन्य अधिकारियों ने दावा किया था कि नदियों का जलस्तर तेजी से घट रहा है और स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी। लेकिन, जिलाधिकारी के दौरे के महज 24 घंटे के भीतर ही हालात सामान्य होने की बजाय और अधिक गंभीर हो गए हैं, जिससे अधिकारियों के दावों पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।