चंदौली में व्यापारियों से सैंपलिंग के बाद वसूली करने वाले 2 अधिकारी सस्पेंड, ऑडियो वायरल होने के बाद एक्शन

चंदौली में व्यापारियों को डरा-धमकाकर धन उगाही करने वाले खाद्य सुरक्षा अधिकारी और सुपरवाइजर पर गाज गिरी है। रिश्वत की डील का ऑडियो वायरल होने और जांच में दोषी पाए जाने के बाद शासन ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

 

खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गोंड निलंबित

51 हजार की रिश्वत का ऑडियो वायरल

व्यापारी संदीप केसरी की शिकायत पर कार्रवाई

सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक भी सस्पेंड

सीज माल बिकवाने के नाम पर वसूली

चंदौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ शासन ने एक बड़ी नजीर पेश की है। खाद्य सुरक्षा विभाग में व्यापारियों से धन उगाही और डरा-धमकाकर वसूली करने के मामले में शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) मनोज कुमार गोंड और सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई चकिया के एक व्यापारी के साथ हुई रिश्वत की बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद की गई है।

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क्या है पूरा मामला?
मामले की शुरुआत पिछले वर्ष दीपावली के समय हुई थी, जब चकिया नगर स्थित 'केसरी इंटरप्राइजेज' पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। इस दौरान टीम ने दुकान से खाद्य पदार्थों के 8 नमूने लिए थे और गोदाम में रखी लगभग 4 लाख रुपये की सूजी व मैदा को सीज कर दिया था। आरोप है कि इसके बाद सीज किए गए माल को अवैध तरीके से बिकवाने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर सौदेबाजी शुरू हुई।

ऑडियो वायरल ने खोली पोल
खबर के अनुसार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार गोंड और सेनेटरी सुपरवाइजर गणपति पाठक ने व्यापारी संदीप केसरी से सीज माल खुलवाने के नाम पर दो किस्तों में कुल 51 हजार रुपये की वसूली की। अधिकारी ने व्यापारी को भरोसा दिलाया था कि वह सीज की गई 215 बोरी सूजी और मैदा बाजार में खपा दे, और यदि कोई टीम आएगी तो वह पहले ही सूचना दे देंगे।

इसी बीच, अधिकारी और व्यापारी के बीच हुई इस 'डील' का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और शासन ने इस पर संज्ञान लिया।

जांच में दोषी पाए गए अधिकारी
ऑडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी चंदौली के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई। विंध्याचल मंडल के सहायक आयुक्त खाद्य (प्रथम) ने चंदौली पहुंचकर व्यापारी के बयान दर्ज किए। व्यापारी संदीप केसरी ने मुख्यमंत्री पोर्टल और जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ ऑडियो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अधिकारियों ने न केवल धन उगाही की, बल्कि सीज किए गए माल को गलत तरीके से बिकवाने का आश्वासन भी दिया, जो कि गंभीर कर्तव्यहीनता है।

निलंबन और विभागीय कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कड़ा रुख अपनाते हुए मनोज कुमार गोंड और गणपति पाठक को निलंबित करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही एक अन्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी लालजीत यादव को भी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।

निलंबन की अवधि के दौरान दोनों आरोपी कर्मचारियों को वाराणसी मंडल के सहायक आयुक्त (खाद्य) कार्यालय से संबद्ध रखा जाएगा। विभाग की इस कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

व्यापारी का पक्ष
पीड़ित व्यापारी संदीप केसरी का कहना है कि विभाग की टीम पहले माल सीज करके दबाव बनाती है और फिर उसी विभाग के लोग रुपये लेकर माल बेचने की छूट देते हैं। जब उन्होंने साक्ष्य अधिकारियों के सामने रखे, तब जाकर उन्हें न्याय मिला।