चंदौली के किसानों के लिए सुनहरा मौका: 'खेत तालाब योजना' में मिलेगा भारी अनुदान, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
चंदौली में 'खेत तालाब योजना' (वित्तीय वर्ष 2026-27) के तहत 12 तालाबों का लक्ष्य मिला है। किसानों को 50% अनुदान मिलेगा। आवेदन के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अनिवार्य है। इच्छुक किसान 'एग्रीदर्शन' पोर्टल पर बुकिंग करें।
चंदौली खेत तालाब योजना 2026-27
'पर ड्राप मोर क्रॉप' अनुदान
सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अनिवार्य शर्त
तालाब निर्माण पर 50% सब्सिडी
ऑनलाइन पोर्टल पर बुकिंग प्रक्रिया
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'पर ड्राप मोर क्रॉप' (Per Drop More Crop) योजना के अंतर्गत किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। भूमि संरक्षण अधिकारी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'खेत तालाब योजना' के क्रियान्वयन की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जल संचयन को बढ़ावा देना और खेती के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। जिले में इस वर्ष कुल 12 लघु तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
तालाब का विवरण और श्रेणियों का निर्धारण
योजना के तहत चंदौली जिले को कुल 12 लघु तालाबों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इन तालाबों का आकार 22x20x3 मीटर निर्धारित किया गया है। सामाजिक समावेश को सुनिश्चित करते हुए सरकार ने इन तालाबों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है:--
सामान्य श्रेणी: इस वर्ग के लिए 10 लघु तालाबों का लक्ष्य रखा गया है।
अनुसूचित श्रेणी: इस वर्ग के लिए 02 लघु तालाबों का लक्ष्य निर्धारित है।
पात्र किसान इन लक्ष्यों के आधार पर योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना न केवल वर्षा जल के संचयन में सहायक होगी, बल्कि भू-जल स्तर को सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अनुदान की राशि और भुगतान की प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत सरकार तालाब निर्माण की कुल लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान करेगी। वित्तीय सहायता की कुल धनराशि 52,500 रुपये प्रति लाभार्थी तय की गई है। किसानों को यह धनराशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी। अनुदान की राशि को दो किस्तों में विभाजित किया गया है:
प्रथम किस्त (39,375 रुपये): यह धनराशि तालाब का मृदा (मिट्टी) कार्य पूर्ण होने पर जारी की जाएगी।
द्वितीय किस्त (13,125 रुपये): यह राशि पक्का इनलेट और परियोजना बोर्ड (प्रोजेक्ट बोर्ड) का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर भुगतान की जाएगी।
यह सुनिश्चित किया गया है कि भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हो, इसलिए डीबीटी का विकल्प चुना गया है ताकि बिचौलियों की कोई भूमिका न रहे।
सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली: एक अनिवार्य शर्त
'खेत तालाब योजना' का लाभ लेने के लिए एक महत्वपूर्ण अनिवार्य शर्त जोड़ी गई है। किसानों को खेत तालाब के साथ-साथ 'सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली' (Micro Irrigation System) स्थापित करना अनिवार्य होगा। अनुदान तभी देय होगा जब किसान निम्नलिखित में से एक शर्त पूरी करेंगे। जैसे---
1-किसान आवेदन के समय उद्यान विभाग का त्रिपक्षीय अनुबन्ध (Tripartite Agreement) सत्यापन हेतु उपलब्ध कराएंगे।
2-, यदि किसान ने विगत 07 वर्षों में उद्यान या कृषि विभाग के माध्यम से अपने खेत पर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित की है और वह वर्तमान में चालू स्थिति में है, तो भी वे पात्र माने जाएंगे।
यह शर्त इसलिए रखी गई है ताकि किसान तालाब के पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग कर सकें और 'पर ड्राप मोर क्रॉप' के मूल उद्देश्य को साकार किया जा सके।
पम्पसेट अनुदान का प्रावधान
योजना में केवल तालाब तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पम्पसेट के लिए भी अनुदान की सुविधा दी गई है। पम्पसेट अनुदान के लिए केवल वे ही लाभार्थी पात्र होंगे, जिन्होंने पंजीकरण तिथि तक उद्यान विभाग के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापित कर ली है और खेत तालाब का निर्माण कार्य भी पूर्ण कर लिया है। ऐसे पात्र किसानों को पम्पसेट पर 50 प्रतिशत, यानी अधिकतम 15,000 रुपये का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
आवेदन कैसे करें (Online Booking Process)
इच्छुक और पात्र किसान अब घर बैठे योजना का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। सरकार ने आवेदन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए विभागीय पोर्टल agridarshan.up.gov.in का उपयोग करने का निर्देश दिया है।
प्रथम आवक-प्रथम पावक (First Come, First Served): इस सिद्धांत पर बुकिंग आधारित है। अतः किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपना आवेदन शीघ्रता से करें क्योंकि लक्ष्य सीमित है।
दस्तावेज: आवेदन के समय अपने आधार कार्ड, भूमि के दस्तावेज, बैंक खाता पासबुक और पूर्व में यदि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगवाई है, तो उसके साक्ष्य अपने पास रखें।
योजना का महत्व और भविष्य की दिशा
चंदौली एक कृषि प्रधान जिला है, जहाँ जल संचयन की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है। 'खेत तालाब योजना' न केवल जल संकट से जूझ रहे किसानों को राहत प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें कम पानी में अधिक उपज लेने की तकनीक से भी जोड़ेगी। सरकार का यह प्रयास है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और आधुनिक कृषि तकनीक का उपयोग कर अपनी आय को दोगुना करें।
भूमि संरक्षण अधिकारी ने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे किसानों को इस योजना के बारे में जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठा सकें। किसी भी प्रकार की सहायता या अधिक जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या भूमि संरक्षण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
यह योजना चंदौली के कृषक समुदाय के लिए एक बेहतरीन अवसर है। तालाब का निर्माण न केवल सिंचाई की समस्या को हल करेगा, बल्कि मछली पालन जैसी सहायक गतिविधियों के माध्यम से अतिरिक्त आय का साधन भी बन सकता है। किसानों से अपील है कि वे निर्धारित पोर्टल पर समय रहते आवेदन करें और इस सरकारी अनुदान योजना का लाभ उठाएं। सरकार की इस पहल से निश्चित रूप से चंदौली जिले में कृषि और जल संरक्षण के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी।