चंदौली मेडिकल कॉलेज बिहार के मरीजों के लिए बना संजीवनी, OPD में बढ़ रही है 4 गुना भीड़

 

पिछड़ा जिला कहा जाने वाला चंदौली अब चिकित्सा का हब बन रहा है। बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में OPD 15 हजार से बढ़कर 60-70 हजार पहुंच गई। बिहार तक के मरीज यहां इलाज कराने आ रहे हैं।

 
 

 चंदौली मेडिकल कॉलेज बिहार मरीजों का सहारा

 OPD में चार गुना तक बढ़ी मरीजों की भीड़

 15 हजार टारगेट पर 70 हजार मरीज

बीएचयू छोड़ चंदौली आ रहे बिहार के मरीज

सरकारी व्यवस्था पर बढ़ा लोगों का भरोसा

कभी पिछड़े जिले के तौर पर पहचाने जाने वाला चंदौली अब चिकित्सा सुविधाओं के मामले में बड़ी पहचान बना रहा है। यहां का बाबा कीनाराम स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़ा पंडित कमला पति जिला अस्पताल अब सिर्फ चंदौली ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और बिहार के मरीजों के लिए भी उम्मीद की किरण बन गया है।

अस्पताल में रोजाना मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सरकारी अस्पताल पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

टारगेट से चार गुना ज्यादा हो रही OPD

मेडिकल कॉलेज में बेहतर डॉक्टर और इलाज की सुविधा मिलने का असर सीधे OPD पर दिख रहा है। सरकारी नियम के हिसाब से यहां हर महीने करीब 15 हजार मरीजों के इलाज का लक्ष्य रखा गया है।

लेकिन हकीकत में यहां हर महीने 60 से 70 हजार मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। यानी जो टारगेट दिया गया है, उससे चार गुना ज्यादा मरीज यहां आ रहे हैं। सुबह से ही अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिवार वालों की लंबी लाइन लग जाती है।

बिहार के मरीजों को भी मिल रही राहत

सबसे बड़ी बात यह है कि इस मेडिकल कॉलेज का फायदा सिर्फ चंदौली के लोगों को ही नहीं मिल रहा है। पड़ोसी राज्य बिहार के मरीज भी यहां इलाज कराने आ रहे हैं।

पहले बिहार के पश्चिमी इलाके के लोगों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के बीएचयू या दूसरे बड़े अस्पतालों में जाना पड़ता था। लंबा सफर और खर्च दोनों झेलना पड़ता था। अब चंदौली में ही विशेषज्ञ डॉक्टर मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।

प्राचार्य ने बताया भरोसे की वजह

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की तरफ से मरीजों की सही जांच, समय पर इलाज और सही सलाह दी जा रही है। इसी वजह से लोगों का भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि जहां हमें महीने में 15 हजार OPD का टारगेट मिला है, वहीं हम 60 से 70 हजार मरीजों की OPD कर रहे हैं। सभी मरीजों के लिए दवा और दूसरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि

मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेकानंद तिवारी ने कहा कि चंदौली जैसे जिले में मरीजों की संख्या इस तरह बढ़ना स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने बताया कि पहले जो बिहार के मरीज बीएचयू जाते थे, वे अब बेहतर सुविधा मिलने पर चंदौली में ही इलाज करा रहे हैं। यह सरकारी व्यवस्था पर लोगों के बढ़ते विश्वास को दिखाता है।

आने वाले समय में अगर सुविधाओं का और विस्तार होता है तो चंदौली के साथ-साथ बिहार के और भी ज्यादा मरीजों को इसका फायदा मिलेगा।