चंदौली के पंडित कमलापति त्रिपाठी चिकित्सालय में होगी हर्निया, अपेंडिक्स सहित किडनी की जटिल सर्जरी 

चंदौली के बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग को 10 डॉक्टरों के साथ मजबूत किया गया है। यहाँ अब दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) विधि से हर्निया, पित्ताशय और किडनी सहित सभी जटिल सर्जरी शुरू कर दी गई हैं। विभाग ने साप्ताहिक OPD शेड्यूल भी जारी कर दिया है, जिससे अब जिले के मरीजों को इलाज के लिए बनारस जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
 

चंदौली मेडिकल कॉलेज में दूरबीन विधि से ऑपरेशन


लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के फायदे और कीमत


पंडित कमलापति त्रिपाठी चिकित्सालय ओपीडी शेड्यूल


हर्निया का ऑपरेशन चंदौली में कहां होता है


किडनी की जटिल सर्जरी की सुविधा चंदौली

चंदौली जिले के बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पंडित कमलापति त्रिपाठी चिकित्सालय में सर्जरी विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। सरकारी मंशा के अनुरूप जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने के उद्देश्य से विभाग में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर व जूनियर रेजिडेंट सहित कुल 10 डॉक्टरों की व्यापक तैनाती की गई है, जो अब नियमित रूप से मरीजों को अपनी सेवाएं देंगे।

सर्जरी विभाग को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के बाद सर्जरी की तैयारी

विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब मेडिकल कॉलेज में दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) विधि से आधुनिक सर्जरी की सुविधा भी विधिवत शुरू कर दी गई है। यह सुविधा चंदौली सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

नया ढांचा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
सर्जरी विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) डॉ. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में विभाग को नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है। उनके साथ विभाग में डॉ. शिवम बिंद, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मयंक मिश्रा, डॉ. विनीत पांडेय, डॉ. रंजीत मौर्य, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. नैंसी पारुल और डॉ. एस. शाह जैसे विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात हैं।

सभी डॉक्टरों के लिए मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमित ओपीडी (Out Patient Department) शेड्यूल भी तय कर दिया गया है।

दिनओपीडी में उपलब्ध डॉक्टर
सोमवार एवं गुरुवार ....   डॉ. आलोक त्रिपाठी, डॉ. शिवम बिंद, डॉ. सुनील कुमार
मंगलवार एवं शुक्रवार ...   डॉ. मयंक मिश्रा, डॉ. विनीत पांडेय, डॉ. रंजीत मौर्य
बुधवार एवं शनिवार ....   डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. राहुल सिंह, डॉ. नैंसी पारुल, डॉ. एस. शाह

ओपीडी में मरीजों की जांच, सर्जरी से संबंधित समस्याओं का परीक्षण किया जाता है और आवश्यकतानुसार ऑपरेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है।

इन जटिल सर्जरी में मिली सफलता
सर्जरी विभाग में अब सभी प्रमुख सर्जरी लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन) तकनीक से की जा रही हैं। यह मिनिमल इन्वेसिव तकनीक (Minimal Invasive Technique) है, जिसके कारण मरीजों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं:---

  • कम दर्द
  • कम रक्तस्राव
  • तेज रिकवरी (जल्दी डिस्चार्ज)
  • छोटे चीरे (कॉस्मेटिक लाभ)

विभाग में सफल दूरबीन सर्जरी की सूची में अब हर्निया, पेट से संबंधित ऑपरेशन, पित्ताशय की सर्जरी, अपेंडिक्स तथा गुर्दा (किडनी) से संबंधित जटिल सर्जरी भी शामिल हैं।

 अब नहीं जाना होगा बनारस
विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक त्रिपाठी ने बताया कि सर्जरी विभाग को पूरी तरह आधुनिक बना दिया गया है। उन्होंने कहा, "हर्निया और पेट के ऑपरेशन के लिए पहले मरीजों को बनारस या बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती थी, लेकिन अब मेडिकल कॉलेज चंदौली में ही दूरबीन तकनीक से ये सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। किडनी के ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।"

सर्जरी के मरीज को देखते हुए प्राचार्य व अन्य चिकित्सक

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अमित सिंह ने बताया कि सर्जरी विभाग में आधुनिक ओटी (ऑपरेशन थियेटर), अत्याधुनिक उपकरण, लेप्रोस्कोपिक सेटअप तथा अनुभवी चिकित्सकों की टीम उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब चंदौली के मरीजों को जटिल ऑपरेशनों के लिए बड़े शहरों या अप्रमाणित 'झोलाछाप' डॉक्टरों के पास जाने की आवश्यकता नहीं है।

बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. नैंसी पारुल

वाइस प्रिंसिपल डॉ. नैंसी पारुल ने कहा कि निशुल्क और बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करना उनकी प्राथमिकता है। सर्जरी विभाग की उन्नत सुविधाएँ शुरू होने से जिले के हजारों मरीजों को लाभ मिलेगा और बड़े शहरों की निर्भरता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।