चंदौली पुलिस ने चलाया मिशन शक्ति अभियान, महिलाओं और बालिकाओं को दी सशक्तिकरण की जानकारी

चंदौली में मिशन शक्ति 5.0 के तहत एंटी रोमियो पुलिस ने चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को सशक्तिकरण, सुरक्षा कानूनों और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
 

सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन हेतु पुलिस का विशेष अभियान

एंटी रोमियो टीम ने चौपाल लगाकर महिलाओं को किया जागरूक

साइबर अपराधों के प्रति भी किया गया सतर्क

चंदौली जिले के पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में, जिले के समस्त थानों की एंटी रोमियो पुलिस टीम द्वारा मिशन शक्ति अभियान (फेज 5.0) के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना है। पुलिस टीम ने विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर चौपाल लगाई, जहां छात्राओं और ग्रामीण महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।

उत्पीड़न पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान, एंटी रोमियो पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं को एक सुरक्षित एवं सशक्त वातावरण देने का प्रयास किया। टीम ने उन्हें स्पष्ट रूप से बताया कि विद्यालय आवागमन के दौरान या किसी भी स्थान पर यदि किसी शोहदे या मनचले द्वारा उन्हें परेशान किया जाता है, तो इसकी तत्काल सूचना अपने परिजनों, थाना स्थानीय या हेल्पलाइन नम्बरों पर देनी चाहिए। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गुप्त रखा जाएगा और शोहोदों के विरुद्ध तत्काल एवं कड़े कदम उठाए जाएंगे। जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम में पम्पलेट भी वितरित किए गए।

सरकारी योजनाओं और कानूनों की जानकारी

पुलिस ने चौपाल में उपस्थित जनसमूह को महिला उत्थान से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेन्टर (181 महिला हेल्पलाइन), पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला योजना, महिला शरणालय, शक्ति सदन व सखी निवास जैसी योजनाएं शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त, महिलाओं व बालिकाओं को संरक्षण प्रदान करने वाले प्रमुख कानूनों के बारे में भी आमजन को जागरूक किया गया। इनमें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013, दहेज निषेध अधिनियम, 1961 और लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम, 1994 के प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया।

साइबर अपराधों से बचाव के उपाय

कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के प्रति भी महिलाओं, बालिकाओं और आमजनमानस को विशेष रूप से सतर्क किया गया। एंटी रोमियो पुलिस ने लोगों को निम्नलिखित बातों के प्रति आगाह किया:

  •     किसी भी अनजान लिंक या अज्ञात नंबर से आए संदेश पर बैंक विवरण, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
  •     KYC अपडेट, इनाम जीतने या लोन देने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सतर्क रहें।
  •     फेक प्रोफाइल या आपत्तिजनक पोस्ट की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
  •     सुरक्षित पासवर्ड रखें और समय-समय पर बदलते रहें।

पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। अंत में, थाना स्थानीय पर नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्र के कार्य, उद्देश्य और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी दी गई।