मिशन शक्ति 5.0: चंदौली जिला अस्पताल में 22 नवजात बेटियों का भव्य स्वागत, कन्या सुमंगला योजना से संवरेगा भविष्य

 

चंदौली जिला चिकित्सालय में मिशन शक्ति 5.0 के तहत खुशियों की दस्तक हुई है। 22 नवजात बालिकाओं को बेबी किट और सम्मान पत्र देकर उनका स्वागत किया गया। सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी के साथ बेटियों के उज्जवल भविष्य की नींव रखी गई।
 

मिशन शक्ति 5.0 के तहत बेबी किट वितरण

बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शपथ

कन्या सुमंगला योजना के लाभ की जानकारी

नवजात बालिकाओं और अभिभावकों का सम्मान

हेल्पलाइन नंबरों के प्रति बढ़ाई गई जागरूकता

उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति अभियान 5.0' के तहत जनपद चंदौली में बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार, 28 मार्च 2026 को जिला चिकित्सालय के SNCU वार्ड में एक गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित कर 22 नवजात बालिकाओं का स्वागत "बेबी किट" और "सम्मान पत्र" देकर किया गया।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और बाल विवाह मुक्त भारत का संदेश
पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से मिटाना था। 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत अभिभावकों को शपथ दिलाई गई कि वे बेटियों की शिक्षा और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे।

कन्या सुमंगला योजना से जुड़ेंगी नन्ही परियां
महिला कल्याण विभाग की जिला मिशन को-ऑर्डिनेटर श्रीमती रागिनी सिंह ने उपस्थित अभिभावकों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अवगत कराया कि जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए सरकार विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। उन्होंने परिजनों से अपील की कि वे समस्त वांछित अभिलेखों के साथ तत्काल आवेदन करें ताकि बेटियों को योजना का सीधा लाभ मिल सके।

सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं की सुरक्षा के लिए जारी विभिन्न टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों (जैसे 1090, 181, और 112) के बारे में भी जागरूक किया गया। वन स्टॉप सेंटर और महिला कल्याण विभाग की टीम ने बताया कि किसी भी विषम परिस्थिति में ये नंबर महिलाओं और बालिकाओं के लिए रक्षा कवच का काम करते हैं।

इस अवसर पर जिला मिशन को-ऑर्डिनेटर रागिनी सिंह, अर्चना देवी, काउंसलर अनीता, वन स्टॉप सेंटर की टीम और अस्पताल के चिकित्सा कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।