हवाई हमले से थर्राया चंदौली! नागरिक सुरक्षा विभाग की मॉक ड्रिल में NDRF और पुलिस ने दिखाई जांबाजी

उत्तर प्रदेश दिवस पर चंदौली के केंद्रीय विद्यालय परिसर में हवाई हमले से बचाव का सघन मॉक ड्रिल किया गया। जिलाधिकारी की मौजूदगी में नागरिक सुरक्षा और NDRF ने राहत कार्यों का सफल प्रदर्शन किया।

 

हवाई हमले का पहला पीला संकेत जारी

सायरन बजते ही पूरे नगर की लाइटें बंद

NDRF ने ध्वस्त भवनों से निकाले घायल

आग बुझाने के लिए फायर टेंडर का प्रयोग

पुलिस ने यातायात और बैरिकेडिंग का मोर्चा संभाला

उत्तर प्रदेश दिवस-2026 और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार चंदौली के केंद्रीय विद्यालय मानसनगर प्रांगण में एक भव्य मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। शाम 6:00 बजे जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की उपस्थिति में नागरिक सुरक्षा विभाग द्वारा हवाई हमले और आपदा प्रबंधन की समस्त तैयारियों का सजीव प्रदर्शन किया गया।

सायरन की गूंज और ब्लैकआउट का अभ्यास
मॉक ड्रिल की शुरुआत नागरिक सुरक्षा विभाग के कंट्रोल रूम द्वारा हवाई हमले के 'पीले संकेत' के साथ हुई। जैसे ही लाल संकेत जारी हुआ, तेज सायरन की आवाज ने पूरे क्षेत्र को सचेत कर दिया। सुरक्षा मानकों के तहत तुरंत नगर की विद्युत आपूर्ति काट दी गई और सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित ठिकानों (सेल्टर) में शरण ली। अभ्यास के दौरान काल्पनिक रूप से फाइटर प्लेन और मिसाइल हमले से भवनों के ध्वस्त होने और जनहानि का दृश्य सृजित किया गया।

NDRF और अग्निशमन दल का रेस्क्यू ऑपरेशन
कंट्रोल रूम से 'हरा संकेत' (ऑल क्लियर) मिलने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ। नागरिक सुरक्षा के आपदा मित्रों ने छोटे उपकरणों से आग पर काबू पाया, जबकि अग्निशमन विभाग के फायर टेंडर्स ने बड़ी आग को बुझाया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने मलबे में दबे लोगों को अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से बाहर निकाला। घायलों को प्राथमिक चिकित्सा टीम द्वारा तत्काल उपचार देकर एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।

प्रशासनिक तालमेल और जनभागीदारी
इस राहत कार्य के दौरान पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया, ताकि बचाव दल को बाधा न हो। पेट्रोलियम कंपनियों की टीमों ने भी अग्नि सुरक्षा उपकरणों के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ NCC, स्काउट एवं गाइड तथा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के समन्वय की सराहना करते हुए इसे आपात स्थिति के लिए बेहद जरूरी बताया।